21 हजार करोड़ के व्यवसाय का नुकसान, संभालना नहीं होगा आसान

भोपाल। लॉकडाउन में भोपाल संभाग में किराना, कपड़ा, बर्तन, सराफा, इलेक्ट्रानिक्स, इलेकिट्ररकल्स सहित अन्य व्यवसाय ठप हो गए हैं। व्यवसायियों व कारोबार विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल संभाग में रोजाना एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन में सभी बाजार बंद होने से पूरी तरह उद्योग-धंधों की कमर तोड़ दी। अब 3 मई तक लॉकडाउन के कारण हजारों करोड़ों रुपए का और नुकसान होने का अनुमान है। अब दोबारा लॉकडाउन के बाद तो उद्योग-धंधे चौपट हो जाएंगे। इन्हें दोबारा खड़े करना आसान नहीं होगा। कई तरह की चुनौतियां सामने आएंगी। चुनौतियों से निपटना उद्योगपतियों व व्यवसायियों के लिए मुश्किल होगा। बिना सरकार की मदद से व्यवसाय को फिर से खड़ा करना संभव नहीं होगा।

अभी तक अकेले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 300 करोड़ रुपए के व्यवसाय का नुकसान हो चुका है। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में सिर्फ फार्मा से जुड़े कारखानों में उत्पादन हो रहा है। सालाना 20 हजार करोड़ का कारोबार मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र से होता है। चालू हालत में 450 उद्योग हैं। लॉकडाउन से करीब दो हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
मिलों से नहीं आ पा रही खाद्य सामग्री : कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया कि भोपाल के जुमेराती और हनुमागनंज की बड़ी थोक व फुटकर की करीब 300 दुकानों में महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित मंडीदीप, सीहोर सहित अन्य स्थानों पर लगे मीलों से दाल, चावल, आटा, तेल सहित अन्य खाद्य सामग्री आती है। लॉकडाउन होने से सामग्री थोक की दुकानों पर नहीं आ पा रही है। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद ठप हो चुके उद्योग-धंधों को दोबारा पटरी पर लाना आसान नहीं होगा।

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