‘सरकारी और प्राइवेट स्कूल बच्चों से न लें 2 महीने की फीस’

छिंदवाड़ा। लॉकडाउन की वजह से मध्यप्रदेश में सबकुछ बंद हैं। मार्च से ही बच्चों के स्कूल भी बंद हैं। ऐसे में स्कूल बच्चों से फीस की भी डिमांड कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान कई जगहों से ऐसी शिकायतें मिली थी। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा कलेक्टर ने एक आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से कहा है कि बच्चों से 2 महीनों की स्कूल फीस नहीं वसूले।

फर्स्ट फेज के लॉकडाउन के आखिरी दिन छिंदवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने यह आदेश जी किया है। उन्होंने लिखा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए शासकीय और अशासकीय स्कूलों से बच्चों की 2 महीने की फीस वसूल न की जाए। कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन के कारण शासन ने सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालय को बंद कर दिए हैं। यह निर्देशित किया जाता है कि आपके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि इस संकट की घड़ी में कोई भी सरकारी और गैरसरकारी विद्यालय बच्चों से मार्च और अप्रैल की फीस न लें।

स्मार्ट क्लास के नाम पर भी न लें फीस
लॉकडाउन के दौरान कई स्कूल ऑनलाइन क्लास चला रहे हैं। कलेक्टर ने उसके लिए भी निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट क्लासेस के नाम पर जो फीस वसूल की जाती है, उसे भी स्कूल न लें। यदि किसी शिक्षण संस्थान द्वारा उक्त अवधि की फीस ली जाती है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को सभी शिक्षण संस्थान कड़ाई से पालन करें।

होली के पहले से बंद हैं स्कूल
देश के दूसरे हिस्सों में कोरोना वायरस की आहट के साथ ही मध्यप्रदेश में सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद करने के आदेश दे दिए गए थे। डेढ़ महीने से किसी भी स्कूल में क्लासेस नहीं चल रही है। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी यह शिकायत आई थी कि स्कूल संचालक फीस के लिए दबाव बना रहे हैं। कलेक्टर के इस आदेश के बाद छिंदवाड़ा के बच्चों को राहत है।
उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही मध्यप्रदेश के दूसरे जिलों के भी कलेक्टर इस तरह के आदेश देंगे। लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए अब सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी घोषित करने की तैयारी चल रही है। ऐसे में स्कूल अब जून के महीने में ही खुलने की संभावना है।

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