गुड फ्राइडे – इस दिन चर्च में बिना बेल बजाए ही किया जाता है ईसा मसीह को याद

गुड फ्राइडे एक ऐसा दिन जब ईसा मसीह ने अपने भक्तों के लिए बलिदान देकर नि:स्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत किया था। ईसाई धर्म के प्रवर्तक ईसा मसीह को जिस दिन सलीब पर चढ़ाया गया और उन्होंने प्राण त्यागे थे, बाइबिल के अनुसार, उस दिन शुक्रवार यानी फ्राइडे था । इसलिए इस दिन को गुड फ्राइडे मनाया जाता है। इस बार गुड फ्राइडे 10 अप्रैल यानी आज है और दो दिन बाद रविवार 12 अप्रैल को ईस्टर मनाया जाएगा। जानते हैं कुछ तथ्य जो बताते हैं कि किस प्रकार यीशु ने अपने बलिदान से दुनिया को आपस में प्रेम और क्षमा करने का संदेश दिया।


इस खास दिन से जुड़ी तीन बातें

1. ईसा ने अंतिम भोजन के समय अपने शिष्यों को यह आज्ञा दी थी कि तुम एक-दूसरे को प्रेम करो जैसे मैंने तुमसे प्रेम किया है। यदि तुम आपस में प्रेम रखोगे तो सब जानेंगे कि तुम मेरे शिष्य हो। निर्दोष होने के बावजूद जब उन्हें क्रूस पर लटका कर मारने का दंड दिया गया तो उन्होंने सजा देने वालों को कुछ नहीं कहा। उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि हे ईश्वर इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।

2. बाल्टिमोर कैटेशिज्म के अनुसार गुड फ्राइडे को गुड इसलिए कहा जाता है क्योंकि ईसा मसीह ने अपनी मृत्यु के बाद पुन: जीवन धारण किया और यह संदेश दिया कि हे मानव मैं सदा तुम्हारे साथ हूं और तुम्हारी भलाई करना मेरा उद्देश्य है। यहां गुड का मतलब होली (अंग्रेजी शब्द) यानी पवित्र से है। इसलिए इस गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं।

3. गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। चूंकि गुड फ्राइडे प्रायश्चित्त और प्रार्थना का दिन है अतः इस दिन गिरजाघरों में घंटियां नहीं बजाई जातीं। लोग ईसा मसीह के प्रतीक क्रॉस को चूमकर अपने भगवान को याद करते हैं। गुड फ्राइडे के दौरान दुनियाभर के ईसाई चर्च में सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए दान देते हैं।

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