वैशाख मास 7 मई तक, इस माह में आएगी अक्षय तृतीया और बुद्ध पूर्णिमा

गुरुवार, 9 अप्रैल से हिन्दी पंचांग का दूसरा माह वैशाख शुरू हो गया है। इस माह से भगवान विष्णु की पूजा खासतौर पर की जाती है। ये माह 7 मई तक चलेगा। वैशाख मास में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है, लेकिन इस साल देशभर में कोरोनावायरस की वजह से लॉकडाउन है, इस कारण नदियों में स्नान करना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में अपने घर में पवित्र तीर्थों और नदियों का ध्यान करते हुए स्नान करने से भी तीर्थ स्नान का पुण्य मिल सकता है। इस माह में कई प्रमुख पर्व आएंगे। जानिए वैशाख माह के खास पर्व और उन तिथियों पर किए जाने वाले शुभ काम…

शनिवार, 11 अप्रैल को गणेश चतुर्थी है। ये व्रत गणेशजी के लिए किया जाता है। सूर्यास्त के बाद भगवान गणेश और चंद्र की पूजा की जाती है।

> सोमवार, 13 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद से खरमास खत्म हो जाएगा।

> शनिवार, 18 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी है। इस भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करें।

> बुधवार, 22 अप्रैल को सतुवाई अमावस्या है। इस तिथि पर पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करना चाहिए। इस माह में गुरुवार को भी अमावस्या तिथि है।

> रविवार, 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। इसी तिथि पर भगवान परशुराम प्रकट हुए। इस दिन गर्मी से बचाने वाले छाते का, मटकी का दान करना चाहिए।

> शनिवार, 2 मई को जानकी जयंती है। इस दिन माता सीता के लिए व्रत-पूजा करनी चाहिए।

> रविवार, 3 मई को मोहिनी एकादशी है। इस तिथि पर भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा करें। व्रत करें।

> बुधवार, 6 मई को नृसिंह जयंती है। इस दिन भगवान नृसिंह का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है।

> गुरुवार, 7 मई को भगवान बुद्ध की जयंती और वैशाख पूर्णिमा है। पूर्णिमा पर घर में भगवान सत्यनारायण की कथा का पाठ करें।

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