अब तक 313 मामले: प्रदेश में सामुदायिक फैलाव की आशंका, इंदौर और भोपाल में हालात चिंताजनक

  • मुंबई-दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर इंदौर पहुंचा, यहां कोरोना के अतिरिक्त मुस्लिम समुदाय में हो रहीं मौतें आशंका को जन्म दे रहीं
  • भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में जिस तरह से संक्रमण फैला, उसे देखकर विभाग ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए 

भोपाल. लॉकडाउन का आज 15वां दिन है। प्रदेश में 313 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, इसमें से 23 की मौत हो गई है। दो दिनों में जिस तरह से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है, उसे देखकर कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन (सामुदायिक फैलाव) की आशंका बढ़ गई है। मुंबई-दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर इंदौर पहुंच गया है। इंदौर में कोरोना के अतिरिक्त मुस्लिम समुदाय में हो रहीं मौतें इस आशंका को जन्म दे रही हैं। भोपाल में जिस तरह से स्वास्थ्य और पुलिस महकमे के अधिकारी और कर्मचारियों में संक्रमण बढ़ा, इससे आशंका और पुख्ता हो जाती है। ग्वालियर में एक दिन में चार मरीज मिले हैं। श्योपुर, होशंगाबाद, नागदा और बड़वानी जैसे छोटे शहरों में भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 

भोपाल: स्वास्थ्य और पुलिस महकमे में फैला संक्रमण, जांच के आदेश
भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमण कैसे फैला, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के 34 कर्मचारी और 10 पुलिसकर्मी संक्रमित हैं। सतर्कता के लिहाज से कलेक्टर और डीआईजी ने भी जांच के लिए सुआब के सैंपल दिए हैं। हालांकि दोनों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिखे। इसके अलावा परिवार की सुरक्षा को देखते हुए ज्यादातर अफसरों ने घर तक छोड़ दिए हैं। सभी होटल, गेस्ट हाउस, प्रशासनिक अकादमी, पुलिस मैस में रहने चले गए। स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल, हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी रहे विजय कुमार, डाॅ. वीणा सिन्हा के अलावा अधिकारी, डॉक्टर, कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हैं, इनकी कॉन्टैक्ट हिस्ट्री की जांच होगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने कहा है कि इसके निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। असलियत सामने आने के बाद एक्शन लेंगे। किदवई ने बताया कि संपर्क से ही कोरोना संक्रमण का विस्तार होता है। प्रभावित व्यक्ति किन लोगों से, किस क्रम में मिले और यह कहां से शुरू हुआ, इसकी ट्रेसिंग जरूरी है।

यह तस्वीर भोपाल के व्यस्ततम इलाके भारत टॉकीज ब्रिज की है। टोटल लॉकडाउन के बाद पुराने भोपाल के हालात में कुछ सुधार हुआ है। 

प्रदेश में जरूरी सामान की किल्लत 
लॉकडाउन के चलते पूरे प्रदेश में जरूरी सामान की किल्लत शुरू हो गई है। ग्रामीण इलाकों में हालत और ज्यादा खराब है। कई घरों में किराने का सामान नहीं है। दुकानों पर सप्लाई नहीं होने के कारण लोग जरूरी सामान नहीं ले पा रहे हैं। भोपाल में तीन दिन से सब्जी की सप्लाई नहीं हुई है। दूध को लेकर भी परेशानी है। बुधवार को हनुमान जंयती पर लोगों ने लॉकडाउन का पालन किया और मंदिरों से दूरी बनाए रखी। तड़के हनुमान मंदिरों में पुजारियों ने पूजा-पाठ के बाद मंदिरों के पट बंद कर दिए। 

इंदौर: सात दिन में 145 जनाजे चार कब्रिस्तान पहुंचे 
इंदौर में संक्रमितों और मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यहां मुस्लिम समाज में अचानक मौतें होने का सिलसिला फिलहाल थम नहीं रहा है। अप्रैल के छह दिन में शहर के मात्र 4 कब्रिस्तानों में मौतों का जो आंकड़ा 127 था, वह सातवें दिन 145 पर पहुंच गया। मतलब एक दिन में ही 18 जनाजे सिर्फ उन्हीं चार कब्रिस्तान में पहुंचे, जो क्वारैंटाइन एरिया के लिए ही हैं। भास्कर के खुलासे के बाद राज्य सरकार ने भी इंटेलिजेंस के जरिए मौत के आंकड़ों की जानकारी ली। इधर, चंदन नगर, छत्रीपुरा और खजराना में स्थानीय पुलिस ने कब्रिस्तान में रखे रजिस्टर की कॉपियां भी निकलवाईं। अब तक जो मौत पिछले 7 दिन में हुई हैं, उनमें औसत आयु 64.41 आई। इसके लिए कब्रिस्तान से मिली सूची के हिसाब से 50 लोगों की मृत्यु की औसत उम्र निकाली गई।
इंदौर में कोरोना से 15 दिन में 15 लोगों की मौत

ये होमगार्ड सैनिक आनंद प्रजापति हैं। इंदौर में आनंद विजय नगर पुलिस के साथ कोरोना ड्यूटी में लगे हैं। आनंद की पत्नी ने सोमवार को बेटी को जन्म दिया तो वे अस्पताल पहुंचे। दूर से ही पत्नी का हालचाल जाना और बेटी को निहारा। फिर वापस ड्यूटी पर चले गए। आनंद को अधिकारियों ने छुट्‌टी लेने को भी कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। 

मंगलवार को इंदौर में 22 पॉजिटिव मरीज मिले, इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 173 पर पहुंच गई। इधर, अस्पताल में इलाज करा रहे कृपाराम चौहान (84) और स्नेह धवन (30) की मौत हो गई। दोनों में कोरोना की पुष्टि हुई है। शहर में 24 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिलने के बाद 15 दिन में 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

ग्वालियर: मरीजों के घर एपीसेंटर और सारा शहर कैंटोनमेंट क्षेत्र-बफर जोन घोषित

ग्वालियर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए दुकान और संस्थानों के बाहर गोले बनाए गए हैं। मंगलवार को महाराजबाड़ा क्षेत्र के दर्जी ओली में स्थित एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र के बाहर रोचक दृश्य देखने को मिला। यहां जनधन योजना के खातों से 500 रुपए निकालने आईं महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाए गए गोले में अपनी चप्पलें रख दीं और खुद झुंड बनाकर बैठ गईं।

ग्वालियर में कोरोना के चार नए मरीज सामने आने के बाद उनके घरों को एपीसेंटर और औसपास के 3-3 किमी क्षेत्र को कैंटोनमेंट और नजदीकी इलाके को बफर जोन घोषित कर दिया गया। कैंटोनमेंट एरिया में शामिल वार्डों के हर घर का सर्वे होने के साथ ही इन क्षेत्रों में यातायात को पूरी तरह प्रतिबंध किया गया है। इस तरह से पूरा शहर ही कैंटोनमेंट और बफर जोन में शामिल हो गया है। इससे पहले प्रशासन चेतकपुरी और टेकनपुर को कैंटोनमेंट क्षेत्र घोषित कर चुका है।
मुरैना: संक्रमित के साथ ताश खेलने वाला भी चपेट में
मुरैना में दुबई से लौटे सुरेश बरेठा के साथ ताश खेलने वाला दोस्त शफी मोहम्मद भी मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में संक्रमित पाया गया। जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
श्योपुर: जिले में पहला केस, कर्फ्यू लगा
बंजारा डैम के पास रहने वाले 53 साल के रशीद खान मंगलवार को कोरोना पॉजीटिव पाए गए। ये जिले के पहले कोरोना संक्रमित हैं। इसके बाद जिला कलेक्टर ने श्योपुर में कर्फ्यू घोषित कर दिया है।

उज्जैन: तीन नए कोरोना पॉजिटिव मिले, अब तक 13 संक्रमित
उज्जैन में दो दिन में 5 नए मरीज मिले। मंगलवार को जिले में 11 साल के बच्चे समेत तीन मरीज संक्रमित मिले। यहां अब 13 संक्रमित हो गए हैं। इनमें पांच की मौत हो चुकी है। इंदौर से भागकर नागदा आया यहीं का 21 साल का युवक और धार से नाना के घर उज्जैन के कोट मोहल्ले में आया बालक भी संक्रमित पाया गया है। वहीं, 42 साल की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, रविवार को उसकी मौत हुई थी। इधर, नागदा में पहला पॉजिटिव मिलते ही प्रशासन ने मंगलवार सुबह 10 बजे अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर बाजार बंद करा दिए। उज्जैन के कोट मोहल्ले को डेंजर जोन में शामिल किया है, क्योंकि यहां तीन दिन में दो संक्रमित मरीज मिले थे।

होशंगाबाद: डॉक्टर के कोरेाना पॉजिटिव मिलने के बाद क्लीनिक और घर 28 दिन के लिए सील
इटारसी देशबंधुपुरा स्थित वेंकटेश क्लीनिक के संचालक डॉ. एनएल हेड़ा की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट ने प्रशासन समेत लोगों काे सकते में डाल दिया। वे भोपाल एम्स में भर्ती हैं, पत्नी आशा हेड़ा भी साथ हैं। उनसे जुड़े कर्मचारियों समेत 6 लोगों के भी सैंपल भेजे गए हैं। डॉ. हेडा के पास इटारसी समेत आसपास के कई गांवों से लोग इलाज कराने आते हैं। मुश्किल यही है कि फरवरी-मार्च में उनके संपर्क कौन-कौन मरीज और अन्य लोग लोग आए, यह पता ही नहीं चल पा रहा है। प्रशासन ने सार्वजनिक घोषणा जारी कर अपेक्षा की है कि पिछले एक महीने में जो भी भी डॉ. हेड़ा के संपर्क आया हो, वे स्वयं जानकारी दें, ताकि क्वारैंटाइन किया जा सके। इधर, डॉक्टर के स्टाफ ने खुलासा किया है कि मार्च के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार के कई मरीजों ने डॉक्टर साहब से इलाज कराया है जो महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से आते-जाते रहते हैं। उन्होंने 24 मार्च तक मरीजों को देखा।

भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में कोरोना पॉजिटिव का आत्मविश्वास बढ़ाने और नकारात्मकता दूर रखने के लिए इंडोर गेम्स खिलाए जा रहे हैं। जमातियों को खुद चाय-कॉफी बनाने के लिए अलग से एक ओपन किचन दिया गया मंगलवार तक यहां 62 कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं, इनमें 10 सीनियर सिटीजन और एक 7 साल का बच्चा भी है। 

मप्र में 313 कोरोना संक्रमित
मध्य प्रदेश में 313 कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इनमें एक पॉजिटिव यूपी के कौशांबी का रहने वाला है। इसके अलावा, इंदौर 173, भोपाल 84, मुरैना 13, जबलपुर 8, उज्जैन 13, खरगोन 4, बड़वानी 3, ग्वालियर में छह, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में 2-2, कटनी, विदिशा, बैतूल, श्योपुर, होशंगाबाद में एक-एक संक्रमित मिला। अब तक इंदौर में 15, उज्जैन में 5, भोपाल, छिंदवाड़ा, खरगोन में एक-एक की मौत हो गई। इसमें इंदौर 14, जबलपुर 3, भोपाल 2, शिवपुरी और ग्वालियर में एक-एक मरीज स्वस्थ्य होने पर घर भेज दिया गया।

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