4 जिलों में कम्युनिटी संक्रमण का खतरा: जमातियों से सबसे ज्यादा कोरोना फैलने का आशंका, बाहरी लोगों की जानकारी छिपाई तो रासुका लगेगी

  • प्रदेश में कोरोना के 45 नए मरीज मिले, इनमें सबसे ज्यादा इंदौर में 26 (5 बेटमा के शामिल) से
  • प्रदेश में 165 पॉजिटिव, अब तक इंदौर 7, उज्जैन 2, खरगोन-छिंदवाड़ा में एक-एक संक्रमित की मौत हो चुकी

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस की तीसरी स्टेज (सामुदायिक संक्रमण) का आशंका बढ़ती जा रही है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन और मुरैना में जिस तरह से केस सामने आए, उससे इस आशंका को बल मिलता है। इंदौर में एक ही परिवार के 12 और उज्जैन में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। मुरैना में भी एक ही परिवार के 12 सदस्य संक्रमित हैं। भोपाल में मरकज से लौटे 80 लोगों के कोरोना टेस्ट हुए। इनमें 8 पॉजिटिव पाए आए। में ये जमाती शहर की विभिन्न मस्जिदों में रहे और पुराने शहर में कई दिन तक धार्मिक प्रचार किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के बारे में अभी आंकड़े जारी नहीं किए गए। इधर, पुलिस महकमे ने अब बाहर से आए लोगों की जानकारी छिपाने पर रासुका के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मध्य प्रदेश में 165 कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इनमें इंदौर में 115, मुरैना में 12, भोपाल में 15, जबलपुर में 9, उज्जैन में 7, ग्वालियर-शिवपुरी-छिंदवाड़ा में 2-2 और खरगोन में एक संक्रमित मिला। इंदौर में 7, उज्जैन में 2 और खरगोन-छिंदवाड़ा में एक-एक संक्रमित की मौत हो चुकी है।

प्रदेश में मरकज से लौटे 40 लोगों की जानकारी नहीं, 530 अन्य यात्री भी गायब

प्रदेश से जो 107 लोगों के निजामुद्दीन की मरकज जाने की बात सामने आ रही है, वे संदेह के घेरे में हैं। ये वाे आंकड़ा है जो भोपाल की मरकज में अपने बारे में जानकारी देकर निजामुद्दीन की मरकज में गए। प्रदेश के कई जिलों से लोगों के सीधे निजामुद्दीन की मरकज जाने के भी मामले सामने आए। इन लोगों की संख्या की जानकारी नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने 15450 यात्रियों को निगरानी में लिया था। इनमें 1115 बाहरी यात्री बिना बताए गायब हो चुके हैं। निजामुद्दीन की मरकज से लौटे 40 लोगों का भी पता नहीं चल पा रहा है। बताया जा रहा है कि ये लोग अब मस्जिदों में सामूहिक रूप से रहने के बजाय लोगों के घरों में रह रहे हैं। वहीं, 6590 बाहर से आए लोग क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर चुके हैं। 2 अप्रैल तक निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, 530 अन्य यात्रियों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। सरकार जमात से आए अन्य लोगों को नहीं तलाश सकी है। इन लोगों से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

जमातियों या बाहरी लोगों की जानकारी छिपाई तो रासुका लगेगी
निजामुद्दीन की मरकज से लौटे लोगों की संख्या की सही जानकारी पुलिस को नहीं मिल पा रही है। हर जिले से अलग-अलग जानकारी आने के बाद डीजीपी विवेक जोहरी ने ऐसे लोगों के बारे में जानकारी छिपाने पर रासुका लगाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय इंटेलीजेंस से जानकारी मिलने के बाद डीजीपी ने देर रात उच्च स्तरीय बैठक में जमातियों पर कार्रवाई की समीक्षा की। डीजीपी ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आए जमातियों की जल्द चिह्नित किया जाए और वो लोग जिस स्थान या मस्जिद में रुके हैं उन्हें वहीं क्वारैंटाइन किया जाए। 
 

इंदौर में सामुदायिक संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा

इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इंदौर में सामुदायिक संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है। यहां कई परिवारों में इसके लक्षण देखे गए हैं। अंबिकापुरी, सुखलिया, गांधीनगर, मोती तबेला जैसे नए-नए क्षेत्र इसकी जद में आते जा रहे हैं। इंदौर के आसपास के इलाकों में भी इसने दस्तक दी है। और ये बेटमा (महू) तक पहुंच गया है। रानीपुरा, दौलतगंज, चंदननगर और खजराना की सघन बस्तियों में उन्हीं परिवारों या उनके संपर्क में आने वाले रिश्तेदारों में घूम रहा कोरोनावायरस अब तेजी से फैल रहा है। नए इलाकों में कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिलने से शुक्रवार को जिला प्रशासन ने 11 और कैंटोनमेंट जोन बनाए हैं। इस तरह इंदौर में कुल 30 कैंटोनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं, जहां घर-घर दस्तक देकर कोरोनावायरस के मरीजों की तलाश की जा रही है। नए कैंटोनमेंट जोन में एरोड्रम रोड पर अंबिकापुरी कॉलोनी, गांधीनगर, मोतीतबेला, स्नेहलतागंज, उदापुरा, इकबाल कॉलोनी, चंदन नगर की गली नंबर-11, सुखलिया ए-सेक्टर, समाजवाद नगर, मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल के अलावा बेटमा में सागौर कुटी रोड पर अल्सिफा मेडिकल स्टोर्स वाली गली को शामिल किया गया है। 

इंदौर में दो और कोरोना संक्रमितों की मौत, अब तक यहां 7 की जान गई

इंदौर में शनिवार सुबह भी दो कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक 80 साल की महिला है, जबकि दूसरा 42 साल का व्यक्ति है। दोनों का ही इलाज एमवाय अस्पताल में चल रहा था। इंदौर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 7 हो गई। मप्र में यह आंकड़ा 11 हो गया है।

भोपाल में मस्जिद में नमाज पढ़ते मिले, पुलिस ने गिरफ्तार किया
पुराने भोपाल में लोग अभी भी लॉकडाउन का उल्लघंन कर रहे हैं। शहर काजी की अपील का भी लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। लोग मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार रात पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ मस्जिद में नमाज पढ़ने पर धारा 144 का उल्लघंन का केस दर्ज किया है। 9 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। दो दिन से शहर का थोक बाजार बंद होने से पुराने शहर के थोक बाजार हनुमानगंज में लोगों की आवाजाही में कमी आई। नए शहर में भी कुछ लोग सड़कों पर घूमते देखे गए। 24 घंटे में भोपाल पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 107 लोगों पर केस दर्ज किया है।

छिंदवाड़ा में 36 साल के युवक की मौत, इंदौर में नौकरी करता था
छिंदवाड़ा में कोराेना संक्रमित 36 साल के युवक ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह जिले में कोरोना से पहली मौत है। यह युवक इंदौर से छिंदवाड़ा स्थित अपने गांव लौटा था। एक दिन पहले ही युवक को काेरोनावायरस की पुष्टि हुई थी। जिला अस्पताल के अाइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके पिता भी शुक्रवार रात आई रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए गए। उन्हें जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।

 ग्वालियर: टोटल लॉकडाउन का पालन नहीं किया तो सात पर केस दर्ज

ग्वालियर में कुछ इस तरह टोटल लॉकडाउन का माखौल उड़ाया जा रहा है।

ग्वालियर में टोटल लॉकडाउन है। यानी किसी दुकान का शटर तक नहीं खुलेगा, लेकिन इसके बाद भी दुकानें खुल रही हैं। शुक्रवार जैसा नजारा शनिवार को भी देखने मिल रहा है। शुक्रवार को किराना, सब्जी, फल और दवा समेत अन्य सामान की दुकानें खुलने के बाद बाजार में भीड़ बढ़ गई। पहले तो पुलिस ने अनाउंसमेंट कराकर चेताया, लेकिन जब दुकानदारों को समझ नहीं आया तो पुलिस एक्शन मोड में आ गई। छह दुकानदारों पर एफआईआर की गई। इससे पहले रात 11 बजे एक ट्रॉला चालक पर शटडाउन तोड़ने पर एफआईआर हुई। यानी 13 घंटे में शटडाउन तोड़ने पर 7 एफआईआर दर्ज की हुई। सड़कों पर आए 5 लोगों की गाड़ियां जब्त कर ली गईं। 

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