ये हैं दुनिया के 9 सबसे बड़े दानवीर, इन्हें इतिहास हमेशा याद रखेगा

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में टाटा ट्रस्ट ने 500 करोड़ का ऐलान किया है। टाटा सन्स ने अलग से 1000 करोड़ की घोषणा की है। अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़ रुपये दिए हैं। पीएम मोदी की अपील पर अक्षय कुमार ने पीएम-केयर्स फंड में दान किया है। आज पीएम मोदी ने देशवासियों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद की अपील की है। पीएम केयर्स फंड में आप स्वेच्छा से कुछ भी दान कर सकते हैं।

बिल गेट्स

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सूचना तकनीक क्रांति के दौर के सबसे सफल उद्यमी, बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया है। उन्होंने कई बार दुनिया के सबसे अमीर आदमी का खिताब हासिल किया है। वर्ष 1999 के बाद से, गेट्स ने वॉरेन बफेट के साथ अपना पैसा बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में लगाया जो कि दुनिया के अग्रणी परोपकारी संगठनों में से एक है। यह मुख्य रूप से वैश्विक स्वास्थ्य सेवा, गरीबी, शिक्षा और सामान्य लोगों तक सूचना प्रौद्योगिकी की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस समय वह 35.8 बिलियन डॉलर के दान के साथ दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी बने हुए हैं।

वॉरेन बफेट

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दुनिया के सबसे धनी लोगों में से एक, वॉरेन बफेट भी अरबपति परोपकारी लोगों की सूची में सबसे उदार में से एक हैं। अपनी व्यक्तिगत मितव्ययिता, और लगातार सफल निवेश सलाह के लिए जाने जाने वाले बफेट ने बिल गेट्स के साथ आर्थिक संकट के दौर में अमेरिकी अरबपतियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। 34 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह इस समय दुनिया के दूसरे सबसे बड़े परोपकारी हैं।

ली का-शिंग

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हांगकांग के बड़े बिजनेस मैग्नेट के रूप में चर्चित शिंग एक निवेशक और परोपकारी भी है। जून 2019 में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक वह दुनिया के 30वें सबसे अमीर व्यक्ति है, जिनकी अनुमानित शुद्ध संपत्ति 29.4 बिलियन डॉलर है। सीके हचिंग्सन के अध्यक्ष से मई 2018 में रिटायर होने के बाद वह इसके वरिष्ठ सलाहकार हैं। यह कंपनी एशिया और यूरोप में ब्यूटी एंड हेल्थ क्षेत्र की बड़ी प्लेयर है। 10.7 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह इस लाई सूची में तीसरे नंबर पर हैं।

एंड्रयू कार्नेगी

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इतिहास के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक, कार्नेगी हॉल के नाम से चर्चित एंड्रयू कार्नेगी का लगभग एक सदी पहले निधन हो चुका है, लेकिन अभी भी दुनिया के बड़े परोपकारियों की सूची में उनका नाम है। स्कूल—कॉलेज के लिए उदारतापूर्वक दान देने वाले कार्नेगी अपने अंतिम 20 साल अपनी संपत्ति का 90 फीसदी हिस्सा दान देने में बिताया। 9.5 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह अभी इस सूची में चौथे नंबर पर हैं।

अजीम प्रेमजी

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अजीम प्रेमजी 24 जुलाई 1945 को जन्मे भारतीय बिजनेस टाइकून, निवेशक, इंजीनियर और परोपकारी इस समय विप्रो लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। उन्हें अनौपचारिक रूप से भारतीय आईटी उद्योग बादशाह भी कहा जाता है। अक्टूबर 2019 में वह 7.2 बिलियन डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ भारत में दसवें सबसे अमीर व्यक्ति थे। वर्ष 2013 में, उन्होंने द गिविंग प्लेज पर हस्ताक्षर करके अपने धन का कम से कम आधा हिस्सा देने पर सहमति व्यक्त की थी। करीब 8 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह सूची में पांचवे स्थान पर आते हैं।

चक फेनी

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चार्ल्स फ्रांसिस “चक” फेनी एक आयरिश-अमेरिकी व्यवसायी और परोपकारी हैं और द अटलांटिक फिलांथ्रोपियों के संस्थापक हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी निजी परोपकारी संगठनों में से एक है। उन्होंने ड्यूटी फ़्री शॉपर्स ग्रुप के सह-संस्थापक के तौर पर सफल कारोबार की नींव रखी और बाद में ड्यूटी-फ़्री शॉपिंग की अवधारणा को आगे बढ़ाया। इस समय वह 6.8 बिलियन डॉलर के दान के साथ इस सूची में छठे स्थान पर हैं।

जॉर्ज सोरोस

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मूल रूप से हंगरी के रहने वाले सोरोस ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई जारी रखने के लिए वेटर और रेलवे पोर्टर का भी काम किया। सोरोस ने वित्तीय क्षेत्र में विशेषज्ञता बनायी और रिफ्लेक्सिटी के आर्थिक सिद्धांत को विकसित किया। हालांकि 1992 के यूके मुद्रा संकट के दौरान वह द मैन हू ब्रोक ऑफ बैंक ऑफ इंग्लैंड के रूप में कुख्यात भी हुए। 6.1 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं।

फिलिप हैम्पसन नाइट

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ओरेगन के मूल निवासी अमेरिकी बिजनेस मैग्नेट नाइकी इंकारपोरेशन के सह-संस्थापक और चेरमैन एमेरिटस हैं। इससे पहले वह कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में कार्यरत थे। अक्टूबर 2019 में नाइट को फोर्ब्स ने दुनिया के 21 वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में प्रकाशित किया था। 2 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह इस सूची में 8वें स्थान पर हैं।

जेम्स ई स्टोवर्स

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एक अमेरिकी व्यवसायी, जिन्होंने अमेरिकन सेंचुरी इन्वेस्टमेंट्स एंड स्टॉवर्स इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल रिसर्च की थी। वह मिसौरी के कैनसस सिटी में जन्मे और पले-बढ़े। मेडिकल डॉक्टरों के बेटे और पोते, स्टोवर्स ने मिसौरी के बूनविले में केम्पर मिलिट्री स्कूल से स्नातक किया। अपने बाप—दादा की तरह डॉक्टर नहीं बनने का फैसला करने के बाद, उन्होंने कारोबारी दुनिया में प्रवेश किया और बेहद सफल रहे। 2 बिलियन डॉलर के दान के साथ वह सूची में नौंवे स्थान पर हैं।

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