मध्य प्रदेश में राज्यसभा सीट के लिए उमा भारती पर दांव लगा सकती है भाजपा

भोपाल। मध्यप्रदेश में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी जल्द होने वाले राज्यसभा चुनाव के जरिए एक तीर से कई शिकार की रणनीति बनाने में जुट गई है। अपने विधायकों के संख्या बल से तो भाजपा एक ही राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में है। इसके बाद भी दूसरी सीट हथियाने के लिए पार्टी कई तरह की राजनीतिक संभावनाओं पर काम कर रही है। एक विकल्प पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पर दांव खेलने का भी है। इसके लिए पार्टी का चुनावी प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी के नाम का एलान होली मनाने के बाद ही होगा। भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय दीनदयाल भवन में रविवार सुबह संगठन के दिग्गज नेताओं ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत इसमें शामिल थे। राज्यसभा टिकट के लिए दिग्गज नेताओं के साथ पार्टी के मौजूदा पदाधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
कारगर नहीं ये फैक्टर : पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के संभावित नामों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी जैसे फैक्टर पर जोर है। हालांकि इन वर्गों से केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, सत्यनारायण जटिया, संपतिया उइके और कैलाश सोनी को पार्टी उच्च सदन में भेज चुकी है। केंद्र की ओर से किसी बाहरी नाम के आने की संभावना भी इसलिए प्रबल नहीं है, क्योंकि पूर्व मंत्री एमजे अकबर और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले से ही मप्र के कोटे से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

उमा की संभावना, चल रहे कई और नाम भी

भाजपा हाईकमान फायर ब्रांड नेत्री एवं प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को प्रदेश में सक्रियता बढ़ाने का संकेत कर चुका है, इसलिए सियासी हलकों में उमा का नाम भी सुर्खियों में है। उनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रदेश पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष विजेश लूणावत, बंशीलाल गुर्जर और विनोद गोटिया का दावा भी बताया जा रहा है। चुनाव की स्थिति में पार्टी उमा भारती पर दांव खेलने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्यसभा के संभावित दावेदारों के नामों पर चुनाव समिति की बैठक में मंथन के नामों का पैनल दिल्ली भेजा जाएगा। यह बैठक होली पर्व के दरम्यान रखने की तैयारी है। 13 मार्च नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख है, इसलिए होली के तुरंत बाद दिल्ली से प्रत्याशी का नाम घोषित हो जाएगा।
राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश भाजपा चुनाव समिति अपनी ओर से संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय इकाई को भेजेगी। फिर केंद्रीय चुनाव समिति अंतिम निर्णय कर प्रत्याशी के नाम का एलान करेगी। – रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, मप्र भाजपा

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