महाशिवरात्रि पर 43 घंटे खुले रहेंगे महाकालेश्वर मंदिर के पट

उज्जैन। भगवान शिव की नगरी उज्जयिनी में शिव विवाह का उल्लास छाया है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि उत्सव की संतरगी छटा बिखरी है। 21 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक पूजन किया जाएगा। संध्या आरती में भगवान का विशेष शृंगार होगा। परिसर स्थित मार्बल चबूतरे पर रमेश कानड़कर नारदीय संकीर्तन से हरिकथा कर रहे हैं। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया 21 फरवरी को शिवरात्रि महापर्व मनाया जाएगा। इसके लिए 20 फरवरी की मध्यरात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान महाकाल को भस्मी अर्पित कर आरती की जाएगी।
सुबह 5 बजे से आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 22 फरवरी को रात 11 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा। इस दौरान सतत 43 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे। 21 फरवरी को दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजन होगा। शाम 4 बजे सिंधिया व होल्कर राजवंश की ओर से भगवान की पूजा की जाएगी। रात 11 बजे से महानिशाकाल की पूजा शुरू होगी, रात्रि पर्यंत पूजन का क्रम चलेगा। 22 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान्य का मुघोटा धारण कराकर सप्तधान अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद भगवान के शीश सवा मन फूल व फल से बना सेहरा सजाया जाएगा। सुबह 5 से 10 बजे तक भक्तों को सेहरे के दर्शन होंगे। इसके बाद सेहरा उतारा जाएगा और साल में एक बार दिन में दोपहर 12 बजे होने वाली भस्मारती होगी।
मंगलनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर नहीं होगी भातपूजा
महामंगल की जन्म स्थली कहे जाने वाले प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भातपूजा नहीं होगी। देश विदेश से आने वाले भक्त दिनभर भगवान का जलाभिषेक व दर्शन कर सकेंगे। रात्रि में महापूजा होगी, 22 फरवरी को तड़के 4 बजे भातपूजा कर भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सुबह 6 बजे फिर से आरती होगी। इसके बाद ही भक्त यहां पर भातपूजा करा सकेंगे।
इस्कॉन में शिवनवरात्रि
शहर के श्रीकृष्ण मंदिरों में इस्कॉन एकमात्र मंदिर है, जहां शिव विवाह उत्सव मनाया जाता है। पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया 21 फरवरी को मंदिर के सभा मंडप में शिवलिंग विराजित कर पूजा अर्चना होगी। भक्त दिनभर भगवान का अभिषेक पूजन व दर्शन कर सकेंगे। महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

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