11 जिपं सदस्य अपने वार्ड से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

बैतूल। जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण प्रक्रिया होने के साथ ही वर्तमान जिला पंचायत सदस्यों के वार्ड में नए आरक्षण हो गए है। नए आरक्षण के बाद जिला पंचायत के 10 पुरूष सदस्यों में से नौ सदस्यों को दोबारा सदस्य बनने क्षेत्र बदलना होगा। वहीं 12 महिला सदस्यों में से दस सदस्य अपने क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ सकती है। सिर्फ दो महिला सदस्य ही ऐसी है जिन्हें दोबारा सदस्य बनने क्षेत्र बदलना होगा। जिला पंचायत के कुल 22 सदस्यों में से ग्यारह सदस्य ही अपने वर्तमान क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ सकते है जबकि सदस्यों को दोबारा सदस्य बनने क्षेत्र बदलना होगा।
63 फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित
जिला पंचायत के कुल 22 क्षेत्रों में जनसंख्या के आधार पर नया आरक्षण किया गया है। महिलाओं को वैसे तो 50 फीसदी आरक्षण देने का नियम है। लेकिन बैतूल जिले में जिला पंचायत सदस्यों के लिए हुए आरक्षण में महिलाओं को 63.63 फीसदी आरक्षण मिला है। जिला पंचायत के कुल 22 सदस्यों में से 14 सदस्य महिलाओं के लिए आरक्षित हुए है जबकि पुरूष सिर्फ 8 क्षेत्र से ही चुनाव लड़ सकते है। जिले की 11 सीटे अनुसूचिज जनजाति के लिए आरक्षित है जिसमें 6 महिलाएं, अनुसूचिज जाति की दो सीट आरक्षित है और दोनों ही सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित है। इसी प्रकार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 3 सीटें है जिसमें 2 महिलाओं के लिए आरक्षित है। वहीं 6 सीटें अनारक्षित है जिसमें चार महिलाओं के लिए आरक्षित है।
इन सदस्यों को चुनाव लडऩे बदलना होगा क्षेत्र
जिला पंचायत के 22 में से 11 सदस्यों को दोबारा सदस्य बनने अपना वर्तमान क्षेत्र बदलना होगा। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजलाल जावलकर, उपाध्यक्ष नरेश फाटे, पूर्व उपाध्यक्ष राजा पंवार के साथ ही मुकेश इवने, निमाई मंडल, राजेन्द्र देशमुख, नंदलाल उईके, तुलसीदास पटेल, हरिराम नागले के साथ ही महिला सदस्यों में श्रीमति पुष्पा खाड़े और श्यामवती तेम्रवाल को क्षेत्र बदलना होगा। इनमें सभी 9 पुरूषों सदस्यों की सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई वहीं वार्ड 6 से सदस्य श्यामवती तेम्रवाल की सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए और वार्ड क्रमांक 18 की सदस्य पुष्पा खाड़े की सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है।
राहुल उईके सहित 11 सदस्य अपने वार्ड से लड़ सकते है चुनाव
जिला पंचायत के दस पुरूष सदस्यों में वार्ड क्रमांक 4 से सदस्य चुने गए राहुल उईके ही एकमात्र सदस्य है जो अपने ही वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ सकते है। वार्ड क्रमांक 4 इस बार अनारक्षित हो गया है जिसके चलते श्री उईके अपने ही वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ सकते है। इसके साथ ही महिला सदस्यों में से मालती जगन उईके का वार्ड क्रमांक 3, शक्ति गणपत धुर्वे का वार्ड 9 और इंदिरा अनिल उईके का वार्ड क्रमांक 22 इस बार भी अजजा महिला के लिए आरक्षित है। वहींवार्ड 14 की सदस्य उर्मिला साहू का वार्ड ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है जिससे ये दोबारा चुनाव लड़ सकती है। वहीं प्रेमलता वरकड़े, सुमन पाटनकर, जानकी नर्रे, करूणा देशमुख, उर्मिला उईके और सुमन संतोष चौहान भी अपने-अपने वार्डो से चुनाव लड़ सकती है लेकिन ये सभी वार्ड अनारक्षित होने से इन वार्डो से पुरूष प्रत्याशी भी चुनाव लड़ सकते है। जिसके चलते इन महिला सदस्यों का चुनाव लडऩा मुश्किल लग रहा है।

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