मध्य प्रदेश के दो युवकों के खाते में 274 करोड़ रुपए, छानबीन में जुटा आयकर विभाग

भोपाल। आयकर विभाग मध्यप्रदेश के दो युवकों के नाम पर मुंबई स्थित एक्सिस बैंक खाते में जमा कर निकाले गए 274 करोड़ रुपए की पहेली सुलझाने जुट गया है। साढ़े चार करोड़ रुपए के डिमांड नोटिस देखकर घबराए युवकों ने अपील भी की है, लेकिन विभाग ने युवकों को संदेह के दायरे में रखा है। इस रकम के लेनदेन में कुछ डायमंड कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं।

आयकर विभाग फिलहाल इस मामले पर मौन है, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि हम मामले की तह तक जाएंगे। प्रकरण को लेकर विभाग ने अपनी गोपनीय छानबीन शुरू कर दी है। एक्सिस बैंक की बांद्रा रिक्लेमेशन ब्रांच मुंबई में रवि गुप्ता (भिंड) के नाम से खोले गए खाते में 132 करोड़ रुपए एवं कपिल शुक्ला (रीवा) के खाते में 142 करोड़ रुपए जमा हुए और चार-पांच महीने में निकल भी गए। रकम का लेनदेन अगस्त 2011 से जनवरी 2012 के बीच हुआ। यह राशि कहां से आई और कहां गई, इसका खुलासा होना बाकी है।

दोनों खातों का लेनदेन का ब्योरा बताता है कि यह रकम 30 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपए तक करीब दो ढाई दर्जन कंपनियों से आया और 10-15 करोड़ रुपए की रकम इकट्ठा होते ही करीब आधा दर्जन कंपनियों में एकमुश्त चला गया। इनमें से ज्यादातर कंपनियां उस वक्त डायमंड कंपनियों के बतौर पंजीबद्ध थीं, जो बाद में किन्हीं कारणों से बंद हो गईं।

डिमांड नोटिस जारी किए

आयकर विभाग ने दोनों युवकों को भी संदेह के दायरे में रखा गया है, टैक्स वसूली के लिए उन्हें क्रमश: 3.5 करोड़ एवं 1.06 करोड़ रुपए जमा कराने के नोटिस दिए गए हैं। विभाग ने उन पर कार्रवाई का मन भी बना लिया है। इन युवकों का दावा है कि मुंबई एक्सिस बैंक के जिस खाते में यह भारी भरकम राशि जमा हुई, वह उनके नाम पर खोले गए फर्जी खाते थे।

सीबीआई को दिया आवेदन

मामला वर्ष 2011-12 का है, जब दोनों युवकों के खाते में यह राशि जमा हुई। तब ये इंदौर स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी टेली परफार्मेंस कंपनी (कॉल सेंटर) में काम करते थे। एक युवक रवि गुप्ता ने पुलिस और सीबीआई को आवेदन देकर कहा है कि इस मामले में वह बेकसूर है, उसके नाम पर फर्जी खाते किसने और क्यों खोले? और इतनी बड़ी राशि कहां से आई और कहां गई? इसकी जांच कराई जाए, इसमें बड़ी साजिश नजर आ रही है।

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