घर बनाकर देगी मध्य प्रदेश सरकार, समयसीमा तक किराया देकर मिलेगा मालिकाना हक

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए नया मॉडल लागू करेगी। इसके तहत आवास निर्माण सरकार करेगी और पात्र व्यक्ति को उसे आवंटित किया जाएगा। एक निश्चित समयसीमा तक किराया लेने के बाद उसे मालिकाना हक मिल जाएगा। इसके साथ ही अन्य विकास के काम भी इन क्षेत्रों में कराए जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्यमंत्री आवास मिशन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि प्रोजेक्टों के लिए विभाग अपनी जमीन का उपयोग करें। पीपीपी मॉडल को बढ़ावा दिया जाए। शहरों में आवास की उपलब्धता के लिए सीएम आवास मिशन के तहत पांच लाख से ज्यादा आवास बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कार्ययोजना बनाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ओर से बताया गया कि साढ़े 14 लाख आवास का निर्माण पूरा कराया जा चुका है। वर्ष 2022 तक सभी पात्रों को आवास उपलब्ध करा दिए जाएंगे। योजना में केंद्र सरकार ने अपना अंशदान 80 से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकार लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा लगाने के साथ जमीन भी देती है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल, वित्त मंत्री तरुण भनोत, मुख्य सचिव एसआर मोहंती, अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव, अनुराग जैन, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास पी. नरहरि सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा

उधर, बैठक के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने निर्देश दिए कि कामों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदारी तय की जाकर कार्रवाई की जाए।

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