उज्जैन में मकर संक्रांति स्नान के लिए सिंहस्थ जैसे इंतजाम

उज्जैन। मोक्षदायिनी शिप्रा नदी में श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति का स्नान कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सिंहस्थ जैसे इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। कलेक्टर शशांक मिश्र व्यवस्थाओं की सतत मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्नान के लिए त्रिवेणी से रामघाट तक नदी क्षेत्र की सारी गंदगी निकाल उसमें नर्मदा का शुद्ध पानी भर दिया है। घाट पर महिलाओं के वस्त्र बदलने को चेंजिंग रूम बना दिए हैं। पानी में बदबू न आए, इसके लिए फव्वारे लगाकर पानी में ऑक्सीजन की मात्र संतुलित की जा रही है। अन्य बुनियादी जरूरते भी यहां उपलब्ध करा दी गई है। घाट पर साफ-सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। बता दें कि साल-2015 से उज्जैन में मकर संक्रांति का स्नान नर्मदा-शिप्रा के संगम जल में ही हो रहा है। हर बार मकर संक्रांति से चंद रोज पहले प्रशासन ने नर्मदा का पानी शिप्रा में छुड़वाया और श्रद्धालुओं को स्नान कराया। इस बार भी नर्मदा का 4 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी शिप्रा में छोड़ा गया है।

बाबा बोले- ये शिवराज सरकार नहीं, कमलनाथ सरकार है

मां नर्मदा, शिप्रा और मंदाकिनी नदी ट्रस्ट के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा (रामदेव दास त्यागी) सोमवार को उज्जैन में थे। उन्होंने घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया। बोले- ये शिवराज सरकार नहीं कमलनाथ सरकार है, इसलिए व्यवस्थाएं ठीक हों। बाबा ने सर्किट हाउस पर कलेक्टर, एसपी, नगर निगम आयुक्त संग शिप्रा की स्वच्छता और गंभीर जल संरक्षण विषय पर समीक्षा बैठक भी की।

नदी से रेत निकाल रहे बदमाश भागे

कम्प्यूटर बाबा ने गंभीर डैम का निरीक्षण भी किया। वे मोटर बोट में एडीएम, खनिज अधिकारी, एएसपी के साथ बैठे और डैम क्षेत्र का भ्रमण करने लगे। इस दौरान उनकी नजर अवैध रूप से नदी से रेत निकाल रहे रहे बदमाशों पर पड़ी। दूर से मोटर बोट आते देख रेत निकाल रहे बदमाश भाग गए। कम्प्यूटर बाबा के निर्देश पर खनिज अधिकारी ने रेत निकालने में उपयोगी पाइप आदि सामग्री जब्त कराई।

इतने दिन कहां थे बाबा

इधर, भाजपा नेताओं ने कम्प्यूटर बाबा के निरीक्षण पर चुटकी ली। नेताओं ने कहा कि कम्प्यूटर बाबा शिप्रा को लेकर सियासत कर रहे हैं। अब शिप्रा में नर्मदा का पानी आ गया है। श्रद्धालुओं के लिए यह पर्याप्त है। बाबा से यह पूछा जाना चाहिए कि शिप्रा की सुध पहले क्यों नहीं ली। इतने दिन से कहां थे।

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