भारत बंद: बैंक और ट्रांसपोर्ट की हड़ताल में शामिल होंगे 25 करोड़ कर्मचारी, जानिए क्या पड़ेगा असर?

नई दिल्ली। आज 8 जनवरी को 10 ट्रेड यूनियन की तरफ से भारत बंद का आवाह्न किया गया है। इसके चलते बैंकिंग के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और दूसरी सेवाओं पर हड़ताल का असर रहेगा। ट्रेड यूनियंस का कहना है कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देश भर से करीब 25 करोड़ लोग इस हड़ताल में शामिल होंगे। कई बैंकों ने बुधवार को होने वाली हड़ताल और बैंकिंग सर्विस पर पड़ने वाले असर को लेकर स्टॉक एक्सचेंज को सूचित कर दिया है। कई बैंकों के कर्मचारी संगठन जैसे AIBEA, AIBOA, BEFI, INBEF, INBOC और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ ने हड़ताल में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है।
बुधवार को हड़ताल की वजह से पब्लिक सेक्टर के बैंकिंग सर्विस जैसे पैसे जमा और निकासी और चेक क्लियरिंग पर असर पड़ सकता है। हालांकि प्राइवेट बैंक सेक्टर में हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा। बैंकिंग के अलावा परिवहन और दूसरी जरूरी सेवा भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बाधित रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल में लेफ्ट और दूसरे दलों से जुड़े ट्रेड यूनियन ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बंद का ऐलान किया है। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि वह किसी बंद को समर्थन नहीं देती है।
सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध
10 ट्रेड यूनियंस ने साझा बयान जारी कर कहा, ‘2 जनवरी को बुलाई गई बैठक में श्रमिकों की किसी भी मांग पर आश्वासन देने में श्रम मंत्रालय पूरी तरह नाकाम रहा है। सरकार का रवैया श्रम के प्रति अवमानना है।’ इसमें कहा गया है, ‘8 जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हम 25 करोड़ मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद करते हैं। हम हड़ताल के जरिए सरकार की श्रमिक विरोधी, जन विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों का विरोध करेंगे।’
बुधवार को होने वाले भारत बंद में बैंक यूनियनों ने भी शामिल होने का ऐलान किया है। इससे दुकानें बंद रह सकती हैं। साथ ही बैंक में भी कामकाज प्रभावित हो सकता है। ATM में कैश की दिक्कतें हो सकती हैं। इधर, सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर इस हड़ताल में केंद्रीय कर्मचारी हिस्सा लेते हैं, तो उनके वेतन में कटौती की जा सकती है। DOPT ने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि बिनी किसी स्वीकृति के किसी भी कर्मचारी के गैर हाजिर होने पर वेतन और भत्ता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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डीओपीटी हड़ताल में नहीं होगा शामिल
DOPT ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल नहीं होने का आदेश जारी किया है। किसी कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश नहीं लेने का भी आदेश है। बैंकों की यूनियनों ने बयान जारी कर इस हड़ताल में ट्रेड यूनियनों के साथ शामिल होने की बात कही है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्प्लॉयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयीज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफीसर्स कांग्रेस और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ ने हड़ताल में शामिल होने की बात कही है।
दूसरी तरफ, ऑल इंडिया बैंक ऑफीसर्स कंफेडरेशन ने इस हड़ताल में भाग न लेने की बात कही है। कंफेडरेशन के महासचिव सौम्या दत्ता ने एनबीटी से बातचीत में कहा कि हम ट्रेड यूनियनों की मांगों का समर्थन करते हैं, लेकिन हड़ताल में भाग नहीं लेंगे। यह कंफेडरेशन, बैंक ऑफीसर्स के बड़े कंफेडरेशन में से एक है।
हड़ताल को और किसका समर्थन?
इसके अलावा, 60 स्टूडेंट यूनियन, यूनिवर्सिटीज के अधिकारियों ने भी हड़ताल का हिस्सा बनने का ऐलान किया है। ये शिक्षा संस्थानों में फीस बढ़ोतरी और शिक्षा के कमर्शलाइजेशन का विरोध करेंगे।
कौन-कौन बैंक यूनियन शामिल?
6 बैंक यूनियंस- ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी असोसिएशन (AIBEA),ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स असोसिएशन (AIBOA), BEFI, INBEF, INBOC और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ (BKSM) कह चुका है कि वे हड़ताल का समर्थन करेंगे। जो बैंक यूनियन समर्थन कर रहे हैं, उनके समर्थित बैंक 8 जनवरी को बंद रहेंगे। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने हालांकि कहा है कि उसे उम्मीद है कि एसबीआई पर इस बंद का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि बैंक के बहुत कम कर्मचारी ऐसे हैं, जो हड़ताल करने वाले यूनियन का हिस्सा हैं।
बैंक में क्या-क्या काम नहीं होंगे?
बैंक से कैश निकासी और डिपॉजिट संभव नहीं होगा, इसके अलावा चेक क्लियरिंग का काम भी नहीं होगा। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग के कामकाज पर किसी तरह का असर नहीं होगा। कई बैंक शेयर बाजार को जानकारी दे चुके हैं कि वे 8 जनवरी को बंद रहेंगे।

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