बेहद जरूरी है नागरिकता संशोधन अधिनियम: राजा ठाकुर

गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरतापूर्ण किया जाता रहा है बर्ताव
बैतूल। यदि वर्ष 1947 में देश का विभाजन धार्मिक आधार पर नहीं हुआ होता तो नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। वर्ष 1947 से लेकर वर्तमान तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की निरंतर घटती जनसंख्या इस बात का जीता जागता प्रमाण है कि इन देशों में गैर मुस्लिमों के साथ कितना बर्बरतापूर्ण बर्ताव किया जा रहा है। ऐसे में वर्ष 1950 में नेहरू लियाकत अली समझौते के अनुसार सभी देशों को अपने देश के अल्प संख्यको की रक्षा शिक्षा एवं समानता करने का अधिकार है जो कि भारत को छोड़कर किसी ने भी नहीं किया। यही वजह है भारत में सबसे अधिक अल्पसंख्यक मौजूद है। यदि नेहरू-लियाकत अली के बीच हुए समझौता के अनुसार पाकिस्तान कार्य करते रहता तो आज नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कम हो रहे गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक
यह बात पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सदस्य राष्ट्रीय परिषद राजा ठाकुर ने कही। श्री ठाकुर ने कहा कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान में सिर्फ मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है जबकि हिन्दू, सिक्ख, इसाई की जनसंख्या लगातार कम हो रही है। इसी तरह से बांग्लादेश की बात करें तो यहां भी यही स्थिति निर्मित है इससे सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि इन देशों में गैर मुस्लिम किस कदर प्रताडि़त हो रहे हैं। ऐसे में अपना धर्म बचाकर भारत में शरण लेने वाले शरणार्थियों को यदि भारत नागरिकता दे रहा है इसमें क्यों पेट दर्द हो रहा है?
इन्हें मिलेगी नागरिकता
श्री ठाकुर ने कहा कि इस कानून की सहायता से पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफ गानिस्तान में धार्मिक उत्पीडऩ के कारण विस्थापित हिन्दु, सिक्ख, जैन, बौद्ध, पारसी एवं इसाई धर्म के लोगो को भारत की नागरिकता दी जायेगी जिन्होंने 31 दिसम्बर 2014 की निर्णायक तिथि तक भारत में प्रवेश कर लिया है। इस कानून से उन लोगों को दिक्कत और परेशानी होगी जो कि 1955 कानून के अनुसार अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। यह लोग वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेजो के बिना भारत में प्रवेश करने वाले घुसपैठिये हैं जो कि स्वीकृत अवधि समाप्त होने के बाद भी वापस अपने देश नहीं गये वे अवैध प्रवासी/घुसपैठिये हो कि चिन्हित कर लिए जाएंगे।
नहीं जाएगी भारतीय मुस्लमानों की नागरिकता
श्री ठाकुर ने कहा कि मुसलमानो में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि यह कानून उनसे उनकी भारत की नागरिकता छीन लेने का कानून है। कुछ हताश विपक्षी एक जुट होकर मुसलमानो में इस कानून के विरूद्ध भय का वातावरण बनाकर कुत्सित राजनीति कर रहे है उन्हे भड़काकर पूरे देश में हिसंक प्रदर्शन एवं शासकीय सम्पत्तियो, जो इस देश की जनता की ही है, को नुकसान पहुंचा रहे है।
सम्मान के साथ जीने का मिलेगा हक
वरिष्ठ भाजपा नेता राजा ठाकुर ने कहा कि यह विधेयक करोड़ो लोगो को सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्रदान करेगा। 26.09.1947 की प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी जी ने भी यह कहां था कि धार्मिक रूप से उत्पीडि़त समुदाय ”पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दु और सिक्ख हर नजरिये से भारत आ सकते है, उस स्थिति में उन्हे नौकरी देना एवं उनके जीवन को सामान्य बनाना भारत सरकार का कत्र्तव्य है। श्री ठाकुर ने आमजन मानस से अपील की है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को समझे एवं आपसी भाईचारा कायम रखते हुए देश की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखे।

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