महुए के पेड़ मेें देवी शक्ति की अफवाह

पुलिस-वन-राजस्व टीम ने की कार्यवाही
पेड़ को चमत्कारी बता कर रहे थे पूजा-पाठ
चिचोली।
गत दिनों पड़ोसी जिले होशंगाबाद के नयागांव में एक महुए के पेड़ को चमत्कारिक रूप में खूब प्रचारित किया गया था। देखते ही देखते ही महुए को छुने से बीमारियों के दूर होने की अफवाह जंगल में आग की तरह फैल गई थी। यहां पर अत्यधिक भीड़ लग जाने से रिजर्व फारेस्ट में बेतहाशा लोगों का आना-जाना हो गया था जिस पर वन विभाग और पुलिस को लोगों को खदेडऩा पड़ा था जिसमें हिंसक घटनाएं पथराव आदि भी हुए थे। इसी तरह से अब चमत्कारिक महुए का पेड़ के बैतूल जिले के पश्चिम वन मंडल की चिचोली रेंज की डडारी सर्किल के बिघवा गांव के जंगल में होना बताया जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ महुए के पेड़ को कुछ अंधविश्वासियों ने चमत्कारी बता कर लोगों को गुमराह करने का नया धंधा शुरू कर दिया है और नया दरबार सजा कर बैठ गए हैं। कथित चमत्कारी महुए के पेड़ की अफवाह फैलाते ही अंधविश्वास का शिकार हुए लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं। लोग महुए के पेड़ के पास बैठकर अपने दुख बीमारियों के ठीक होने की मन्नतें मांग रहे हैं और यहां एक महिला ने तो खुद को देवी का रूप ही घोषित कर दिया है। अपने आप को दैवीय शक्ति का रूप बतलाने वाली महिला के अनुसार वो पिपरिया के नयागांव में चमत्कारी महुए के पेड़ के पास गई थी और वहीं से सारी शक्ति लेकर आई हैं और अब वो सारी शक्ति इस महुए के पेड़ में आ गई है। अगर प्रशासन और पुलिस ने समय रहते कोई एक्शन नहीं लिया तो यहां भी हालत होशंगाबाद जैसे बेकाबू हो सकते हैं।
ऐसे फैला अंधविश्वास
लगभग 1 सप्ताह पूर्व ग्राम बिघवा की अर्ध विक्षिप्त महिला मालती पति लल्लन मर्सकोले के शरीर में देव आने लगा, उसने गांव वालों को बताया कि मुझे नया गांव वाले देव ने बताया कि नया गांव में मेरी सेवा नहीं होने लगी, महुआ का पेड़ काट दिया है, इस कारण मैं वहां से उठकर छोटे मड़देव के पास महुआ के पेड़ में आ गया हूं, वहां मेरी सेवा करो, रोगी ठीक होंगे, गूंगे बोलने लगेंगे, लंगड़े चलने लगेंगे, अंधे को दिखने लगेगा, जो मांगोगे मनोकामना पूर्ण होगी। गांव के लोग इसके साथ गए, वह छोटे मड़देव के ऊपर एक महुआ के पेड़ के पास पहुंची तथा उसे हाथ लगाकर कहा कि इस पेड़ में शक्ति समाई है। इससे मेरे शरीर में करंट लग रहा हैं झुंझुनी लग रही है, मेरे शरीर में इस पेड़ से शक्ति आ रही है। मुझे इसमें से तीन बार घंटी एवं शंख की आवाज सुनाई दी है। विक्षिप्त महिला मालती मर्सकोले ने वहां अपना डेरा जमा लिया साथ में सेवा के लिए एक और महिला रीता परते निवासी अक्तीखेड़ा को भी रख लिया। वहां चारों ओर साफ-सफाई कर त्रिशूल गाड़ दिया तथा दीपक जलाकर घट स्थापित कर दिया। उसके चारों तरफ रस्सी कपड़ा बांध भी दिया। यह अंधविश्वास तेजी से चारों ओर फैलने लगा और देखते ही देखते प्रतिदिन वहां सैकड़ों लोग प्रतिदिन आने-जाने लगे। चारों तरफ नारियल प्रसाद की दुकानें लग गई।
प्रशासन जागा और की कार्यवाही
वन परिक्षेत्र चिचोली अंतर्गत आसाड़ी बीट पीएफ 1443 में एक महिला ने महुआ के पेड़ के नीचे त्रिशूल गाड़ कर तथा पूजा पाठ की सामग्री रखकर अंधविश्वास फैलाने की खबर वन विभाग को लगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी चिचोली सुरेश सोनवंशी ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना चिचोली पुलिस थाना प्रभारी आरडी शर्मा एवं तहसीलदार सुश्री लवीना घागरे को दी। गुरुवार को पुलिस वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छोटे मड़देव के पास महुआ के पेड़ के पास पहुंची। तथा त्रिशूल पूजा पाठ की सामग्री जप्त कर विधिवत कार्रवाई की। वहां आसपास लगी दुकानों को भी हटवाया तथा महिलाओं को समझाइश दी। महिलाओं के नहीं मानने पर उसे पुलिस थाना लाया गया तथा उसके खिलाफ धारा 107/16 एवं 151 के तहत कार्यवाही कर न्यायालय तहसीलदार चिचोली में पेश किया। न्यायालय तहसीलदार चिचोली ने दोनों महिलाओं से 10-10 रूपए का बॉन्ड भरवा कर जमानत पर छोड़ा। टीआई आरडी शर्मा ने बताया कि महिला पूर्व में नया गांव भी गई थी, उसी की तर्ज पर उसने यहां भी अंधविश्वास फैलाकर वन भूमि पर कब्जा कर तथा शांति भंग करने की कोशिश की है। नहीं मानने पर उसके खिलाफ वन भूमि पर कब्जा एवं शांति भंग करने का प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
कौन है दैवीय शक्ति वाली महिला?
चिचोली थाना क्षेत्र के बिघवा निवासी महिला मालती मर्सकोले ने यह चमत्कारी महुए के पेड़ की उपज की है। मालती के पति पेशे से ड्राइवर है। मालती की माने तो वह नयागांव में चमत्कारी महुए के पेड़ के पास गई थी और उसी महुए के पेड़ पर मौजूद चमत्कारी शक्तियां उसके साथ यहां तक आ गई। और वहां से आई सारी शक्तियां उस पर हावी होने लगी जिसके बाद उसने गांव के पंचो से सारी बातें बताई और सभी ने आपसी सहमति बनाकर उक्त महुए के पेड़ को चुना था। दैवीय शक्तियों वाली मालती अब उस महुए के पेड़ में अपनी शक्ति धीरे-धीरे डाल रही है इसी बीच यह खबर आग की तरह क्षेत्र में फैल रही हैं और रोजाना लोगो की तादाद बढ़ती ही जा रही हैं।
खुद को बता रही दैवीय शक्ति
नयेगांव का चमत्कारी महुए के पेड़ की लोग केवल परिक्रमा करते थे लेकिन बिघवा गांव का ये चमत्कारी महुए का पेड़ उस महुए के पेड़ की तरह अनाथ नहीं है यहां हर समय कथित देवी मालती मौजूद रहती है। यहां के पंडा भिकारीलाल की माने तो लाभ लेने के लिए आपको महुए के पेड़ की परिक्रमा करने के साथ ही देवी स्वरूपा मालती मर्सकोले के भी दर्शन करने होंगे तब ही आपको कोई भी लाभ होगा। इस तरह के अंधविश्वास पर यदि प्रशासन ने समय रहते एक्शन नहीं लिया तो निश्चित रूप से हालात बेकाबू हो सकते हैं।
वनविभाग ने क्या किया था नयेगांव में?
मामला जब शुरू हुआ तो वन विभाग ने इसे सामान्य तौर पर लिया लेकिन जब भीड़ बढऩे लगी तो उसके भी हाथ-पांव फूलने लगे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पेड़ तक पहुंचने से लोगों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और लोगों को यह बताने की कोशिश की गई कि यह सिर्फ अंधविश्वास है। हालांकि यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का बफर जोन है इसलिए यहां बाघ आम तौर पर नहीं आते लेकिन इतनी भीड़ जंगल के इकोसिस्टम के लिए संकट पैदा करने लगी।
इनका कहना…
पिछले चार दिनों से इस तरह का कुछ मूमेंट वहां चल रहा था। वन विभाग की टीम और पुलिस ने मिलकर सभी को वहां से हटा दिया है। हमने अपने कर्मचारियों को वहां तैनात कर दिये हंै और आगे भी इसका ध्यान रखा जाएगा कि वहां कोई नहीं पहुंचे।
मयंक चांडिवाल, डीएफओ, पश्चिम वन मंडल, बैतूल

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