डीएस राय हो सकते है ताप्ती न्यास के पहले अध्यक्ष?

ताप्ती दर्शन यात्रा शुरू करवाकर 14 साल से प्रतिवर्ष यात्रा में शामिल होते है श्री राय
बैतूल। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा ताप्ती न्यास गठन करने की घोषणा के बाद न्यास के पहले अध्यक्ष पद पर बैतूल के पूर्व कलेक्टर और ताप्ती जी से जुड़े डीएस राय की ताजपोशी हो सकती है। श्री राय बैतूल कलेक्टर रहते हुए ही ताप्ती समिति से सक्रिय रूप से जुड़े है वर्ष 2006 में श्री राय के मार्गदर्शन में ही ताप्ती परिक्रमा का सिलसिला शुरू हुआ था जो अनवरत जारी है। श्री राय भी प्रतिवर्ष ताप्ती दर्शन यात्रा में शामिल होते है। इसके साथ ही श्री राय के कांग्रेस नेताओं से तगड़े संपर्क है वहीं स्थानीय कांग्रेसियों से भी उनके मधुर संबंध है। जिससे डीएस राय का ताप्ती न्यास अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश की सत्ता में 15 साल के बाद वापसी करने वाली कांग्रेस ने चुनाव के पूर्व ताप्ती न्यास बनाने की घोषणा की थी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने और मुलताई विधायक सुखदेव पांसे के मंत्री बनने के बाद प्रदेश सरकार ने मार्च में ही ताप्ती न्यास गठित करने के आदेश दे दिए।
यह होगा न्यास का कार्य
मां ताप्ती नदी न्यास पर्यावरण, संरक्षण प्रबंधन और स्वच्छता अभियान की देखरेख करेगा। न्यास का अपना रजिस्टर्ड कार्यालय होगा। न्यास का वार्षिक लेखा-जोखा पेश होगा और वार्षिक प्रतिवेदन भी बनेगा। न्यास बनने से सामुदायिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। न्यास बनने के बाद नदी किनारे स्वच्छता अभियान और घाटों की सुंदरता पर काम होगा। न्यास का अध्यक्ष और समिति गठित होकर विधिक तरीके से कार्य करेगी। इसके चलते ताप्ती न्यास की घोषणा होने के बाद ही न्यास के अध्यक्ष के लिए भी ऐसे व्यक्ति की तलाश शुरू हो गई थी जो मां ताप्ती का विकास कर सके।
डीएस राय का नाम अव्वल
ताप्ती न्यास का गठन होने के बाद से बैतूल के पूर्व कलेक्टर रहे डीएस राय का नाम पहले अध्यक्ष के लिए सामने आ रहा है। श्री राय के कांग्रेस नेताओं से तगड़े संपर्क है। साल 1998 में मुलताई गोलीकांड के बाद 18 किसानों की मौत से उत्पन्न विषम परिस्थितियों में राज्य की कांग्रेस सरकार ने बैतूल कलेक्टर बनाया था। श्री राय काफी समय तक बैतूल कलेक्टर रहे वहीं साल 2006 में वे बैतूल के प्रभारी सचिव बनाए गए। कांग्रेस शासनकाल में बैतूल कलेक्टर रहते हुए श्री राय के स्थानीय कांग्रेस नेताओं से भी मधुर संबंध थे जो अभी भी कायम है जिससे उनके नाम पर स्थानीय स्तर पर कोई विरोध होने की संभावना नहीं है।
20 साल से जुड़े है ताप्ती जी से
डीएस राय बैतूल कलेक्टर रहते हुए पिछले 20 साल से ताप्ती जी से जुड़े है। साल 1999 में बैतूल कलेक्टर रहते हुए उन्होंने ही सर्वप्रथम ताप्ती दर्शन यात्रा की रूपरेखा बनाई थी। लेकिन इसके बाद पारिवारिक कारणों और फिर बैतूल से तबादला होने के कारण उक्त योजना परवान नहीं चढ़ पाई थी। लेकिन 2006 में बैतूल जिले के प्रभारी सचिव बनने के बाद एक बार फिर वे बैतूल आए। 2006 में उन्होंने ताप्ती दर्शन यात्रा की पूरी रूपरेखा बनाई और 24 से 29 नवंबर तक पहली ताप्ती दर्शन यात्रा मुलताई से डोलहन तक हुई। सात दिन की इस यात्रा में श्री राय भी शामिल हुए। इसके बाद ताप्ती दर्शन यात्रा का दायरा बढ़ता गया और 2017 में यह यात्रा ताप्ती के अंतिम छोर अरब सागर पहुंच गई। पिछले 14 साल से श्री राय प्रतिवर्ष एक दिन के लिए ताप्ती दर्शन यात्रा में शामिल होते है। मां ताप्ती के प्रति उनकी लगन और निष्ठ तथा अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार श्री राय को ताप्ती न्यास का अध्यक्ष बना सकती है।

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