शनिदेव एक वर्ष में तीन बार बदलेंगे अपनी राशि, वर्षों बाद बना संयोग

भोपाल। न्याय के देवता शनिदेव महाराज तीन वर्ष बाद अपनी राशि बदल रहे हैं। अभी वे तीन वर्ष से धनु राशि में हैं। इस दौरान वे धमाल मचाते रहे। नये वर्ष 2020 में वह तीन बार राशि बदलेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि तीसरे साल में राशि बदल रहे हैं, लेकिन एक वर्ष में तीन बार राशि बदलने का योग सैकड़ों वर्षों बाद बना है। शनिदेव के राशि बदलने से प्राकृतिक वातावरण में उथल-पुथल जैसी स्थिति बनेगी। वर्षभर रुक-रुककर बारिश भी होगी। दो राशियों पर उनकी कृपा बरसेगी और एक राशि को कष्टदायक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम ने बताया कि वर्ष 2020 ईसवीं में फरवरी से शनि देव धनु राशि से स्वराशि मकर में गमन करेंगे। लगभग तीन वर्ष बाद इनके राशि परिवर्तन से साढ़ेसाती एवं अढैया शनि का पांच राशियों में परिवर्तन होगा।

शनिदेव 17 फरवरी को शनिदेव धनु राशि से मकर राशि में भ्रमण से शनि के प्रभाव वाली राशि वृश्चिक, धनु व मकर राशि पर शनिदेव के प्रभाव में परिवर्तन दिखाई देगा। वृश्चिक राशि जहां शनि के प्रभाव से मुक्त रहेगी, वहीं कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव प्रारंभ होगा। शनि इस साल 8 राशियों वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ को साढ़ेसाती के रूप में प्रभावित करेगा, वहीं अढैया शनि के रूप में वृष, मिथुन, कन्या और तुला राशि को प्रभावित करेगा। शनि एक बार वृष, कन्या और वृश्चिक राशि को मुक्त करेगा, लेकिन फिर से अपनी जकड़ में ले लेगा। शेष राशियां इसके प्रभाव से मुक्त रहेंगी। शनि महाराज न्याय के देवता हैं, इसलिए न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।

शनि पुनः मार्गी वक्री होकर राशि परिवर्तन करेगा

शनि पहली बार धनु राशि से मकर राशि में 17 फरवरी को जाएंगे। 15 मई को वक्री होंगे। इसके बाद 3 अगस्त को पुनः धनु राशि में प्रवेश करेगा। इससे पिछले वर्ष की तरह वृश्चिक, धनु एवं मकर राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव तीन महीने तक रहेगा। शनिदेव 18 सितंबर को मार्गी होकर 12 नवंबर को फिर से मकर राशि में भ्रमण करेंगे। इससे पुनः धनु, मकर, कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती का प्रभाव आगामी वर्षों के लिए शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. गौतम ने बताया कि शनि जिस राशि में भ्रमण करता है, उस राशि के आगे-पीछे की राशि पर अपना शुभ प्रभाव देते हैं। शनि के अशुभ स्थिति में होने पर व्यापार, व्यवसाय, नौकरी, पदोन्नति में रुकावटें, हानि तथा निकट पारिवारिक संबंधियों से वाद-विवाद, न्यायालयीन परेशानी स्वास्थ्यगत परेशानी, चिंता, तनाव व मुसिबतों की बारिश करा देता है। शनि के अनुकूल होने से सर्वसुख आर्थिक लाभ, मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

धनु और मकर पर बरसेगी कृपा

– धनु राशि : इस राशि पर पैरों में उतरता हुआ चांदी के पाए में होगा। यह प्रभाव लाभ एवं सुखकारक है।

– मकर राशि : इस राशि के जातकों को हृदय में साढ़ेसाती का प्रभाव स्वर्णपाद में होगा, जो सर्वसुखकारी है।

– कुंभ राशि : इस राशि में चढ़ता हुआ शनि का प्रभाव मस्तक में लोह पाद पर होगा जो कष्टकारक रह सकता है।

यह करें उपाय

शनि के अनिष्ट फल के निवारण के लिए छायादान, शनि मंत्र का जाप, हवन, श्री हनुमत पूजा, अभिषेक, तेलयुक्त सिंदूर समर्पण कर भक्ति पूर्वक शनिवार का व्रत, सप्तधान्य का दान, प्रति शनिवार को पीपल का पूजन करने तथा दीपक जलाने से शनि का अनिष्ट फल दूर होता है।

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