जबलपुर में चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू, मध्य प्रदेश के 50 जिलों में धारा 144

भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) में को लेकर जबलपुर को छोड़कर प्रदेश के शेष जिलों में शांति रही। सीएए के विरोध से निपटने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने बैतूल और होशंगाबाद जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण प्रदेश में कुछ प्रमुख जिलों में ड्रोन कैमरों से कुछ स्थानों पर नजर रखी गई और भोपाल-जबलपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। पुलिस मुख्यालय द्वारा शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को देखते हुए विशेष रूप से प्रदेश पर नजर रखी गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता डॉ. एसडब्ल्यू नकवी के मुताबिक जिलों में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर कानून का विरोध करने वाली भीड़ पर नजर रखने के लिए अपने स्तर पर फैसले लिए। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों में कुछ प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी गई और हर व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की गई। भोपाल में मध्यान्ह में तीन बजे के करीब इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर दिया गया था। शाम तक इंटरनेट सेवाएं सामान्य नहीं हो सकी थीं।

जबलपुर में पथराव, वाहनों में तोड़फोड़, में 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जबलपुर शुक्रवार को दोपहर तीन बजे के बाद हजारों प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। जुलूस में शामिल लोगों को पुलिस ने रोका तो उन्होंने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। हमले में लगभग 20 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए। 5 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट आई है। इसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हालात बिगड़ते देख गोहलपुर, मिलौनीगंज, हनुमानताल, अधारताल क्षेत्र में कर्फ्यू घोषित किया गया है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि पत्थर चलाने वाले 12 से 15 साल के बच्चे भी हैं। एसपी अमित सिंह ने बताया कि बच्चों को किसी भी कानून के बारे में जानकारी नहीं है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि किसी ने उन्हें भड़काया है। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए सैकड़ों अश्रु गैस के गोले छोड़े, जिससे भीड़ हटी, लेकिन अश्रु गैस का असर खत्म होते ही फिर से प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाए।

कमिश्नर-कलेक्टरों की छुट्टियां निरस्त

सीएए को लेकर प्रतिक्रियाओं के मद्देनजर सरकार ने सभी कमिश्नर और कलेक्टरों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। जिन अधिकारियों के अवकाश स्वीकृत भी हो चुके हैं, वे भी निरस्त कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए। इसके पहले सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश आगामी आदेश तक निरस्त किए जा चुके हैं। सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निगाह रखने के लिए कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के कुछ हिस्सों में सीएए को लेकर हुई प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने ऐहतियातन कानून व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है।

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