नए मुखिया की ताजपोशी के साथ मध्‍य प्रदेश में पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देगी भाजपा

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव के बाद से मध्य प्रदेश में नेतृत्व को लेकर असमंजस में हैं। समय-समय पर पार्टी के दिग्गज नेताओं के बीच समन्वय की कमी और गुटबाजी कई बार सामने आई है। पार्टी नेताओं का मानना है कि नए मुखिया की ताजपोशी के साथ यह तय हो जाएगा कि आगे पार्टी का नेतृत्व प्रदेश में किन हाथों में होगा। नया मुखिया मप्र भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देगा।
वटवृक्ष बन चुके अधिकांश नेता
भाजपा में पिछले 25 साल से कोई भी नया नेतृत्व पनप नहीं पाया है। 1990 के लगभग जो नेता भाजपा में आए थे, वे अब वटवृक्ष बन चुके हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, अनूप मिश्रा जैसे नेताओं को पार्टी आगे लाई थी। 1985 में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, गौरीशंकर बिसेन, 1993 में नरेंद्र सिंह तोमर, कमल पटेल और लक्ष्मीकांत शर्मा को पार्टी नए चेहरे के रूप में लाई।
सूबे के बड़े नेताओं ने पनपने नहीं दिया नया नेतृत्व
उम्र सीमा का बंधन सिर्फ इसलिए लागू किया कि नई पीढ़ी को तैयार किया जा सके। मालवा-निमाड़ में 89-90 के दशक से सुमित्रा महाजन और कैलाश विजयवर्गीय का वर्चस्व कायम है। चंबल-ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े कद के सामने बाकी सारे नेता बौने बने रहे।
महाकोशल में गौरीशंकर बिसेन, फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रहलाद पटेल जैसे नेताओं का वर्चस्व बना हुआ है। मध्यभारत की सारी राजनीति पिछले ढाई दशक से शिवराज सिंह चौहान के ही इर्द-गिर्द घूम रही है, विंध्य में नेतृत्व ही नहीं है।
संघ चिंतित
उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता है कि बड़े नेताओं के कारण जो पीढ़ी 55 साल की हो गई, उन्हें कोई मौका ही नहीं मिल पाया, उन्हें कैसे आगे लाएं।
सेवानिवृित्त में भेदभाव
नेताओं को सेवानिवृत्त करने में सही समय पर निर्णय नहीं लिया। विक्रम वर्मा को तो समय से पहले घर बैठा दिया, लेकिन स्व. बाबूलाल गौर, डॉ. गौरीशंकर शेजवार, कुसुम महदेले, जयंत मलैया जैसे नेता लंबे समय तक मंत्री बने रहे।
इनका कहना है
भाजपा ही एकमात्र ऐसा दल है जो युवाओं और नए चेहरों को जन अपेक्षाओं के अनुरूप हमेशा अवसर देता है। हमें अपनी इस परंपरा पर गर्व है। आने वाले समय में भाजपा के नए संगठन में भी आपको मंडल से राष्ट्रीय स्तर तक इसकी झलक दिखेगी।
– डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश प्रभारी, भाजपा

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