संगठित माफिया के खिलाफ हमारी मुहिम जारी रहेगी : सीएम कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ का मानना है कि एक साल के कार्यकाल के दौरान उनकी सरकार ने बहुत से नीतिगत फैसले और बदलाव किए हैं, जिसका असर शीघ्र ही सामने आएगा। कृषि के साथ-साथ उद्योग और रोजगार उनकी सरकार की प्राथमिकता में शुमार है। किसानों की कर्जमाफी एक ऐसा निर्णय था, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा संतुष्टि दी। माफिया के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम आर्गनाइज्ड माफियाओं के खात्मे तक जारी रहेगी।

सवाल – सरकार ने बीते एक साल में कई बड़े कदम उठाए। आप क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं?

– देखा जाए तो हमें काम करने के लिए 10 माह ही मिले जिसमें हमने वचन पत्र के 365 बिंदु पूरे कर दिए हैं। हमारा काम स्वयं अपना प्रमाण दे। लोग खुद बदलाव महसूस करें। मध्य प्रदेश की जनता बदलाव महसूस कर रही है। अभी एक साल ही हुआ है। आने वाले सालों में आपको बदला हुआ मध्यप्रदेश देखने को मिलेगा।

सवाल- ऐसा एक फैसला, जिससे आपको व्यक्तिगत तौर पर सबसे ज्यादा संतुष्टि मिली, वह कौन सा है?

– किसानों की कर्जमाफी एक ऐसा फैसला है, जिससे व्यक्तिगत तौर पर बहुत संतुष्ट हूं। जल्द ही ऋणमाफी योजना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें लाखों किसानों का कर्जमाफ होगा।

सवाल- लेकिन यह माना जाता है कि सिर्फ खेती के बूते किसानों की उन्नति नहीं हो सकती है। ऐसे में आपका प्लान ‘बी’ क्या है और कब तक वो सामने आएगा?

– किसानों को उनके उत्पादन का उचित समर्थन मूल्य दिलाना, जिससे उनका जीवन स्तर ऊपर उठे। हम प्रदेश के किसानों को कृषि से जुड़े स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।

सवाल- एक साल के कार्यकाल में आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

– वैसे तो कई चुनौतियां रही पर राज्य के खजाने का खाली होना चिंता का विषय रहा है।

सवाल- क्या आपको लगता है कि मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसा हासिल करने में कामयाब रहा, जिसकी बात हो रही है। कब तक निवेश धरातल पर नजर आने लगेगा?

– निवेश धरातल पर आ चुका है। हम सिर्फ कागजों पर निवेश दिखाने में विश्वास नहीं रखते हैं। मैग्नीफिसेंट एमपी में हमने निवेश को जमीनी स्तर पर लाने का ईमानदार प्रयास किया है।

सवाल- बेरोजगारी बड़ी समस्या है। इससे निपटने सरकार के पास क्या रणनीति है?

– युवा शक्ति कौशलवान बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश में 32 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है, जिससे एक लाख से भी अधिक रोजगार सृजित होंगे। रोजगार पर हमारा विशेष फोकस है।

सवाल- माफिया के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत का अच्छा संदेश गया है, लेकिन यह अब तक क्यों नहीं हो रही थी?

– अब से एक वर्ष पहले तक प्रदेश में भाजपा का शासन था तो आप समझ ही सकते हैं कि कार्रवाई क्यों नहीं हो रही थी। जहां तक प्रश्न के दूसरे हिस्से की बात है तो आम नागरिक, अपराध और भय मुक्त वातावरण में रहें, इसे लेकर हम प्रतिबद्ध हैं। सरकार की माफिया के खिलाफ मुहिम संगठित माफियाओं के खिलाफ है, जिसे आर्गनाइज्ड रैकेट भी कहते हैं। जो इसके खात्मे तक जारी रहेगी।

सवाल- राइट टू वॉटर हो या फिर राइट टू हेल्थ, क्या कानून बनाकर ही उद्देश्य पूरा हो सकता है। व्यवहार परिवर्तन के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

– यह दोनों ही मनुष्य के मूलभूत अधिकार हैं, यह अधिकार सभी को मिलने चाहिए। हम प्रदेशवासियों को मांग से पहले ही उनका यह अधिकार देना चाहते हैं। इस दिशा में प्रभावी रूप से हम आगे बढ़ रहे हैं।

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