सारणी में 830 मेगावाट की चार यूनिट से बिजली उत्पादन बंद करने की तैयारी

जबलपुर। सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन सारणी में बिजली उत्पादन 2020 से घट हो सकता है। यहां की चार यूनिट को बंद करने की तैयारी हो रही है। ये यूनिट उम्रदराज हो चुकी हैं। पर्यावरण और सुरक्षा दोनों लिहाज से इनका संचालन जोखिम भरा है। यूनिट बंद करने के लिए मप्र पावर जनरेशन कंपनी इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज रही है। प्रदेश सरकार अब इसके संचालन को लेकर निर्णय लेगी। हालांकि साल 2017 में भी कंपनी ने यूनिटों को बंद करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन शासन स्तर पर बंद करने से इंकार कर दिया गया था। यदि मंजूरी मिली तो मार्च 2020 तक यूनिट बंद हो जाएगी।
25 साल होती है उम्र : पावर प्लांट के संचालन की औसत उम्र 25 साल आंकी जाती है। इसके बाद इस पर मेंटेनेंस खर्च अधिक हो जाता है। इसके अलावा प्रदूषण के मानकों पर भी यूनिट खरी नहीं उतर पाती है। जिसके कारण कंपनियां इसे बंद करने पर ज्यादा जोर देती है। सारणी पावर प्लांट एक से पांच यूनिट पहले ही बंद हो चुकी हैं। अब 6,7, 8 और 9 नंबर यूनिट को बंद करने की योजना बनाई जा रही है। इन यूनिटों से करीब 830 मेगावाट बिजली उत्पादन करने की क्षमता है। इसमें 6 नंबर यूनिट करीब 40 साल पुरानी है। इसके अलाव अन्य यूनिट 35 साल की उम्र पार कर चुकी है।
बॉयलर से भी खतरा : सारणी पावर प्लांट में यूनिट पुरानी होने की वजह से उनका रखरखाव ज्यादा हो जाता है जिसके कारण उत्पादन लागत भी बढ़ती है। 6 और 7 नंबर यूनिट के बॉयलर को लेकर खतरा भी कंपनी स्तर पर जताया जा चुका है। कंपनी सूत्रों की माने तो कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर उत्पादन किया जा रहा है।
यूनिट क्षमता प्रारंभ हुई
6 नंबर यूनिट- 200 मेगावाट 1979
7 नंबर यूनिट- 210 मेगावाट 1980
8 नंबर यूनिट -210 मेगावाट 1983
9 नंबर यूनिट- 210 मेगावट 1984
सतपुड़ा पावर प्लांट सारणी की चार यूनिट को बंद करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ये यूनिट पर्यावरण और सुरक्षा के मानकों के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय होगा। -एके टेलर, डायरेक्टर, टेक्निकल मप्र पावर जनरेशन कंपनी

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