मंत्री बोलीं- कम भी पढ़ पाईं तो फिक्र मत करना, इमरती देवी तो बन ही जाओगी

शिवपुरी।शिवपुरी के मानस भवन में बेटी सम्मान समारोह में महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी शामिल होने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बेटियां किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं। बेटियों को खूब पढ़ाओ और बढ़ाओ, यदि किसी कारण से बेटी ज्यादा नहीं पढ़ पातीं तो भी फिक्र मत करो वे कम से कम इमरती देवी तो बन ही जाएंगी। कार्यक्रम में जमकर तालियां बजी। मंत्री ने कहा कि 50 फीसदी महिला आरक्षण है, लेकिन आज भी पंचायत, जनपद और जिला पंचायत सहित अन्य चुनावों में महिला आरक्षित सीटों पर महिलाओं को सिर्फ घूंघट में फार्म भरने तक सीमित रखा जाता है, जबकि वोट मांगने से लेकर बैठकों में उनके पति या परिजन पहुंचते हैं। मंत्री ने मौजूद महिलाओं को चेताते हुए कहा कि अपने अधिकारों को पहचानो। यदि फार्म भरने आप जा रही हैं तो निर्वाचित होने के बाद दायित्व का निर्वहन भी खुद करें। यदि पति, ससुर या परिजन टोंकें तो उनसे कहो बहुत हो गया, अब मैं तो अपने दायित्व का निर्वहन करूंगी, तुम घर बैठो।

अगर आप घूंघट में बैठी रही तो न तो खुद बढ़ पाओगी और न ही अपने बेटियों को आगे बढ़ा पाओगी। मंत्री ने कहा कि पुरानी कहावत है कि बेटा से बेटी भली, होए कुलवंती नार, और नाम लिवावे माई बाप को तो देश बढाही होय। कार्यक्रम को पोहरी विधायक सुरेश रांठखेड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कलेक्टर अनुग्रहा पी, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला यादव सहित कांग्रेस नेता व अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

बेटे खराब तो नहीं हैं पर दो दोस्त मिल जाते हैं तो बीयर पीना सीख जाते हैं

मंत्री ने कहा कि बेटियों को भी अब हम बेटों की तरह ही उन पर विश्वास कर बड़े शहरों में पढ़ने भेजते हैं। वे मां बाप का मान भी बढ़ा रही हैं। वे खुद की सुरक्षा के प्रति सजग हैं। मां-बाप के मान सम्मान और इज्जत का भी ख्याल रखती हैं, वैसे तो बेटे भी खराब नही हैं, लेकिन बेटे बाहर पढ़ने जाते हैं और दो दोस्त मिल जाते हैं, वे बीयर पीना सीख जाते हैं।

मां-बाप आप पर विश्वास करते हैं, आप भी उनके विश्वास पर खरी उतरें

मंत्री ने बेटियों से कहा कि समय बदल गया है। हमारे दौर में गांव में स्कूल तक नहीं था। शादी के बाद पढ़ाई की और आज इस मुकाम पर हूं। पढ़ाई जारी रखें। मां बाप भी ध्यान रखें कि बेटियों को लेकर किसी की कही सुनी बातों में न आएं और उनकी पढ़ाई न छुड़ाएं बेटियों पर विश्वास करें। बेटियों का भी दायित्व हैं कि वे मां बाप के विश्वास पर खरी उतरें।

दौर बदल गया है देखो कलेक्टर मैडम भी तो किसी की बेटी हैं

मंत्री महिलाओं और वहां मौजूद लोगों से कहा कि वो दौर बदल गया है, जब लोग कहते थे कि बेटा होगा तो कुछ भी नहीं करेगा तो कम से कम हल तो चला ही लेगा, लेकिन ये रूढ़िवादी मानसिकता अब बदल गई है। हमारी बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। हवाई जहाज से लेकर ट्रेन चला रही हैं। यहीं देख लो हमारे बीच कलेक्टर बैठी हैं, वे भी किसी की बिटिया हैं।

बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार सजग, सुरक्षित हैं प्रदेश में

बेटियों पर बढ़ते अपराध को लेकर मीडिया के सवाल पर मंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की स्थिति ऐसी नहीं है। यहां बेटी और बेटे दोनों सुरक्षित हैं। हमने हर मंच से कहा है। उस पर अमल भी हो रहा है कि सुनसान क्षेत्रों में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और चौराहों व अन्य स्थानों पर कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, साथ ही पुलिस व प्रशासन भी इसे लेकर सजग है।

शिवराज कर रहे सिर्फ नौटंकी

प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्व मुखयमंत्री शिवराजसिंह के धरने को मंत्री इमरती देवी ने नौटंकी करार दिया। उनकी सत्ता थी, तब भी वे नौटंकी ही कर रहे थे। 15 साल में महिलाओं और बेटियों पर क्या-क्या अत्याचार हुए किसी से छुपा नहीं हैं। मंत्री से जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के चुनाव हारने के बाद क्षेत्र में विकास अवरुद्ध होने को लेकर पूछा गया तो उनका कहना था कि महाराज अब भी यहां निरंतर आकर ध्यान दे रहे हैं। उनके सभी मंत्री भी क्षेत्र के विकास को लेकर सजग है।

मंत्री बनने के बाद तो सभी खुद को हमारा रिश्तेदार बता देते हैं

एक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के वायरल वीडियो, जिसमें वह बच्चों को वितरित होने वाली पतली दाल दिखाकर मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कह रही हैं। इसे लेकर जब मंत्री से सवाल किया तो उनका कहना था कि 15 साल से उसने ऐसा क्यों नहीं किया। जब कहा गया कि वह खुद को आपका रिश्तेदार बताती है। इस पर मंत्री ने कहा कि आज मैं मंत्री हूं तो सब मेरे रिश्तेदार हो गए। किसी गरीब का रिश्तेदार लोग खुद को क्यों नहीं बताते।

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