उद्धव ठाकरे सरकार का फ्लोर टेस्ट आज, स्पीकर पद के लिए भाजपा, कांग्रेस ने तय किए उम्मीदवार

महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के लिए शनिवार का दिन कड़ी परीक्षा का है। विधानसभा के विशेष सत्र में दोपहर 2 बजे फ्लोर टेस्ट के जरिए उद्धव को अपना बहुमत साबित करना है। शिवसेना ने एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) के साथ मिलकर सरकार बनाई है और उन्हें 145 का आंकड़ा छूने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटे हैं। इसके बाद सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी सदन को संबोधित करेंगे। इस बीच, डिप्टी सीएम पद के लिए एनसीपी और कांग्रेस के बीच तकरार की खबरें आ रही हैं। भाजपा ने भी विधानसभा स्पीकर के लिए अपना उम्मीदवार तय कर लिया है। महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि किशन कठोरे पार्टी की तरफ से उम्मीदवार होंगे। इसके पूर्व पाटिल ने शिवसेना,एनसीपी,कांग्रेस की गठबंधन सरकार द्वारा प्रोटेम स्पीकर बदलने को कानूनी तौर पर गलत बताया। भाजपा ने कहा कि शपथ भी नियमों के मुताबिक नहीं ली गई। पाटिल ने कहा कि नई सरकार सभी नियमों का उल्लंघन कर रही है। हम गवर्नर को याचिका देंगे और इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते हैं।
महाराष्ट्र में विधानसभा स्पीकर के लिए कांग्रेस ने अपनी ओर से बतौर उम्मीदवार नाना पाटोले का नाम तय किया है। कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा पाटोले के नाम पर मुहर लगाए गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने इसकी जानकारी दी। सुबह 9.30 महा विकास अघाड़ी के नेताओं की विधानभवन में बैठक होगी, जहां फ्लोर टेस्ट के साथ ही विधानसभा स्पीकर के चुनाव पर चर्चा होगी।

इस बीच, शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने फ्लोर टेस्ट पर शायराना अंदाज में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा – आज

बहुमत दिन..170+++++ हमको मिटा सके ये जमाने में दम नहीं, हमसे जमाना खुद है… जमाने से हम नहीं।

इससे पहले उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार दोपहर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला। बाद में प्रेस से बातचीत में उन्होंने मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कारशेड के निर्माण पर रोक लगाने की घोषणा की। इसी शेड के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने का पिछले महीने भारी विरोध हुआ था। फड़नवीस सरकार ने यह योजना बनाई थी।

वहीं महाविकास अघाड़ी के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में भले ही सेक्युलर मूल्यों पर दृढ़ रहने की बात कही गई है, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इसे लेकर सहज नजर नहीं आते। यही वजह रही कि बीते दिनों जब पहली कैबिनेट बैठक के बाद उनसे पूछा गया कि क्या शिवसेना सेक्युलर हो गई है? तो वह सवाल पूछने वाले पत्रकार पर ही भड़ककर पूछ बैठे कि सेक्युलर का मतलब क्या है? फिर खुद ही जवाब भी दिया, जो संविधान में लिखा है, वही सेक्युलर है।


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