महाराष्ट्र की नई सरकार में होंगे 2 डेप्युटी सीएम? अजित पवार का क्या होगा?

मुंबई। महाराष्ट्र में लंबे वक्त तक चले सियासी ड्रामे के बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का रास्ता साफ हो गया है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को तीनों दलों की साझा बैठक में नेता चुना गया और वह गुरुवार शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन अभी मंत्रियों और विभागों को लेकर माथापच्ची जारी है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में दो डेप्युटी सीएम बनाए जा सकते हैं। इस रेस में कांग्रेस के कोटे से बालासाहेब थोराट और एनसीपी के कोटे से जयंत पाटिल का नाम आगे चल रहा है। वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार की इस सरकार में क्या भूमिका होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दूसरी ओर अजित पवार ने कहा है कि मंत्री पद पर वह पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे।

एनसीपी बोली- अजित का ओहदा नहीं बदला
अजित पवार ने कहा है कि मंत्री पद को लेकर उनकी पार्टी जो भी फैसला लेगी, वह उन्हें मंजूर होगा। हालांकि जब उनसे सवाल किया गया कि वह बीजेपी के साथ क्यों गए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इधर, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, ‘आखिर में उन्होंने (अजित पवार) ने अपनी गलती मान ली। यह पारिवारिक मामला है और पवार साहब ने उन्हें माफ कर दिया है। वह (अजित) पार्टी के बेहद करीब हैं और एनसीपी में उनका ओहदा नहीं बदला है।’
अजित बड़ी भूमिका में होंगे: राउत
दूसरी ओर शिवसेना की तरफ से भी संकेत दिए जा रहे हैं कि अजित को मंत्री पद दिया जा सकता है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, ‘अजित पवार गठबंधन में एक बड़ी भूमिका में होंगे। देखिए कितना बड़ा काम करके आए हैं।’ उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि वह पहले से ही कह रहे थे कि अजित पवार वापस आ जाएंगे।
2 दिन में सुलझेगा विभाग बंटवारे का मुद्दा: थोराट
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट का कहना है कि महाविकास आघाडी के तीनों सहयोगियों के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र की अगली सरकार में विभागों के बंटवारे का मुद्दा शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस दो दिन के अंदर सुलझा लेंगे।’ कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर एनसीपी चीफ शरद पवार के आवास पर गठबंधन के नेताओं की एक बैठक भी बुलाई गई है।
यह हो सकता है फॉर्म्युला
288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में नियमों के तहत कुल सदस्य संख्या का 15 फीसदी यानी 43 सदस्यों वाली मंत्रिपरिषद बनाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना कोटे से 16 (11 कैबिनेट, 15 राज्यमंत्री) , एनसीपी कोटे से 15 (11 कैबिनेट, 4 राज्यमंत्री) और कांग्रेस कोटे से 12 (9 कैबिनेट, 3 राज्यमंत्री) मंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा स्पीकर का पद कांग्रेस को दिया जा सकता है। मंत्रियों के विभागों को लेकर भी तीनों पार्टियों में अभी चर्चा चल रही है।
कांग्रेस-एनसीपी से 1-1 डेप्युटी सीएम!
सूत्रों का कहना है कि सरकार गठन के फॉर्म्युले के तहत एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से एक-एक डेप्युटी सीएम बनाए जा सकते हैं। इस रेस में दो नाम आगे बताए जा रहे हैं। एनसीपी की तरफ से जयंत पाटिल और कांग्रेस की तरफ से बालासाहेब थोराट का नाम उपमुख्यमंत्री के दावेदारों में लिया जा रहा है।
मंत्री पद की रेस में ये नाम!
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना की तरफ से गुलाबराव पाटिल, दादा भुसे, संजय शिरसाट और संदीपन भूमरे का नाम मंत्री पद के दावेदारों में चर्चा में है। वहीं, एनसीपी की तरफ से छगन भुजबल, राजेश टोपे और मकरंद पाटिल मंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट के अलावा केसी पाडावी, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम मंत्री बन सकते हैं।
स्पीकर पद पर ये नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक स्पीकर पोस्ट के लिए एनसीपी और कांग्रेस दोनों दावा जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस पद के लिए पृथ्वीराज चव्हाण का नाम आगे कर सकती है, वहीं एनसीपी की ओर से दिलीप वाल्से पाटिल को स्पीकर की रेस में आगे कहा जा रहा है।
मंत्रालयों पर भी दावेदारी
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना गृह मंत्रालय, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), गृह और ग्रामीण विकास मंत्रालय चाहती है। वहीं एनसीपी वित्त, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय अपने कोटे में चाहती है। दूसरी ओर कांग्रेस स्पीकर के अलावा राजस्व, वित्त और ग्रामीण विकास मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है।

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