ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद मध्य प्रदेश में उनके समर्थक मंत्री भी बदल रहे ट्विटर बायो

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर हैंडल पर अपना बॉयो स्टेटस बदल लिया है। उन्होंने पूर्व के सरकारी पदों और कांग्रेस का जिक्र हटाकर खुद को समाजसेवी और क्रिकेट प्रेमी बताया है। इस बदलाव से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई, जिस पर ज्योतिरादित्य ने कहा कि मैंने क्षेत्र की जनता की सलाह पर अपने ट्विटर पर बायो को छोटा किया है। इसको लेकर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं वो निराधार हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में उनके समर्थक मंत्रियों ने भी अपनी ट्विटर प्रोफाइल पर बॉयो बदलना शुरू कर दिया है। कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ने ट्विटर से मंत्री हटा लिया है। महाराष्ट्र में हुए विधानसभा में चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रभारी बनाया गया था। वे लगातार मध्य प्रदेश में अपनी ही पार्टी की कमलनाथ सरकार पर सवाल भी उठाते रहे हैं।

पिछले दिनों उन्हें मध्य प्रदेश की प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष (MP PCC President) बनाए जाने की मांग भी उठी थी। लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Election) में जीत के बाद से अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने को लेकर जब ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था कि मैं जनता का सेवक हूं।
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्विटर पर बायो बदलने पर कहा है कि ‘जनसेवक’ लिखे जाने पर सवाल उठाने वाले भाजपाई यह सच भी जान ले कि कुछ दिनों पूर्व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीटर प्रोफाइल में बदलाव कर लिखा था ‘द कामन मैन ऑफ एमपी’, हर जनप्रतिनिधि ‘जनसेवक’ ही होता है। उधर उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि यह ज्योतिरादित्य का निजी मामला है, कोई भी अपना स्टेटस बदल सकता है या उसमें बदलाव कर सकता है।

बार-बार उठती रही हैं सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इससे पहले अपने ट्विटर पर स्टेटस में पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री लिखा था, लेकिन अब वहां समाजसेवी और क्रिकेट प्रेमी लिखा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की टीम में शामिल सबसे अहम सदस्यों में से एक थे, लेकिन वे खुद ही अपने क्षेत्र में चुनाव हार गए थे। मध्य प्रदेश में भारी बारिश के दौरान चंबल इलाके में आई बाढ़ के बाद वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से मिले थे और प्रदेश सरकार से उन्हें जल्द राहत देने की बात कही थी। कमलनाथ सरकार में मौजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री लगातार उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठाते रहे हैं।


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