जानिए कैसे देखती रह गई शिवसेना और कांग्रेस, बन गई भाजपा सरकार

मुंबई। महाराष्ट्र के साथ ही देश की राजनीति में शनिवार का दिन एक बड़े उलटफेर के साथ आया है। राज्य में सत्ता से महज कुछ कदम दूर खड़ी शिवसेना के सपनों को चकनाचूर करते हुए भाजपा ने एनसीपी के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना ली है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन द्वारा राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के कुछ समय पहले बड़ झटका देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने राजभवन में राज्यपाल कोश्यारी के सामने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। उनके साथ एनसीपी नेता अजीत पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है।
शिवसेना भागती रही CM की कुर्सी के लिए, फडणवीस हुए काबिज
राज्य में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही शिवसेना मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दावा ठोक रही थी। शुरुआती कोशिशों के बाद जब भाजपा उसे मनाने में नाकाम रही तो शिवसेना ने अपने पुराने साथी को छोड़कर एनसीपी और मुख्य विपक्षी दल रही कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कवायदें शुरू कर दी। लगातार बैठकों और कोशिशों के बाद आखिरकार शुक्रवार को इस बात पर सहमति बनी की राज्य में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएंगे और मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा।
शुक्रवार को ही राकांपा के प्रमुख प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा था कि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस आज-कल में सरकार बनाने की दावेदारी पेश कर देगी। दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माणिकराव ठाकरे ने यह कह कर कि राकांपा ने मुख्यमंत्री पद की मांग नहीं की है, सारी अटकलों को विराम लगाने की कोशिश की है।
कुछ इस तरह का फॉर्मूला आया था सामने
इन सभी दावों के बीच खबर आई थी कि राज्य में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का स्वरूप तक तय हो गया है। इसके मुताबिक दावा किया गया था कि राज्य मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए शिवसेना का होता और उसके 16 मंत्री बनते। इनमें से 11 कैबिनेट और पांच राज्यमंत्री होते।
वहीं राकांपा से उपमुख्यमंत्री समेत 15 मंत्री बनाने पर सहमति की बात कही गई थी। इनमें 11 कैबिनेट तथा चार राज्यमंत्री बनाए जाने थे। जबकि कांग्रेस को 12 मंत्री पद दिए जाने की बात कही गई थी जिसमें 9 कैबिनेट और तीन राज्यमंत्री होते।
संजय राउत लगातार कस रहे थे तंज
जहां राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों के लिए शिवसेना लगातार मेहनत कर रही थी वहीं पूरे मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत जी जान लगाकर काम कर रहे थे। यहां तक की इस सारी कवायद के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से अस्पताल में भर्ती तक करवाना पड़ गया था। जब से शिवसेना और भाजपा की राहें जुदा हुई थीं तब से ही राउत एक के बाद एक ट्वीट कर तंज कसते नजर आ रहे थे। यहां तक की आज भी उन्हें ट्वीट कर लिखा था कि ‘जिस-जिस पर यह जग हंसा है, उसी ने इतिहास रचा है..’

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