सुबह 5.47 बजे हटा राष्ट्रपति शासन और बदल गई सियासी तस्वीर

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति शनिवार सुबह पूरी तरह से बदल गई। जहां एक ओर राज्य में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की सरकार बनती दिखाई दे रही थी। वहीं अचानक घटनाक्रम बदल गया और भाजपा ने एनसीपी नेता अजीत पवार के समर्थन से सरकार बना ली। इस घटना ने महाराष्ट्र की सियासत को हिलाकर रख दिया है। इस घटनाक्रम के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार जहां कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। वहीं उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका और एनसीपी का इस सरकार को कोई समर्थन नहीं है। बता दें कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे आज सुबह 5 बजकर 47 मिनिट पर हटाया गया। इसके बाद भाजपा और एनसीपी नेता द्वारा सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया।
3 घंटों में बदल गई सियासत
महाराष्ट्र में अनसोचे घटनाक्रम के तहत आज सुबह भाजपा और एनसीपी नेताओं ने मिलकर राज्य में सरकार बना ली है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम के तौर पर देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम के तौर पर अजीत पवार को शपथ दिलाई। इसके पूर्व राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन को सुबह 5 बजकर 47 मिनिट पर हटा दिया गया था। इसके बाद राज्य में नई सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद सुबह लगभग साढ़े सात बजे एनसीपी नेता अजीत पवार अपनी पत्नी के साथ राजभवन पहुंचे थे। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक राष्ट्रपति द्वारा देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार को शपथ दिला दी गई थी।
राउत ने किया शरद पवार का बचाव
भाजपा के साथ एनसीपी नेताओं के जाने के बाद शरद पवार पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। वहीं इस बीच शिवसेना लीडर संजय राउत शरद पवार के बचाव में उतरे हैं। उन्होंने अजीत पवार को दगाबाज बताते हुए इस पूरे घटनाक्रम से शरद पवार का कोई लेना देना ना होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात से ही अजीत पवार की बॉडी लैंग्वेज बदल गई थी। इसके बाद उन्होंने सूबे की जनता से धोखा किया।

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