मप्र में पीसीसी गठन के बाद हो मंत्रिमंडल का पुर्नगठन-असलम

बैतूल। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, बैतूल के सांसद रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन जल्द से जल्द होना चाहिए। पीसीसी के गठन के बाद ही मंत्रीमंडल का पुर्नगठन किया जाये। उन्होंने कहा कि पीसीसी का पुर्नगठन नहीं होने से सरकार और संगठन में समन्वय नहीं बन पा रहा है। परिणाम स्वरूप सरकार एवं आमजन के बीच भी गैप बढ़ रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री खान ने कहा कि भाजपा एवं शिव सेना में अहंकार की लड़ाई के कारण महाराष्ट्र में सरकार नहीं बन पा रही है।
निजी कार्यक्रम में शामिल होने बैतूल आये पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान ने गुरूवार दोपहर को स्थानीय सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उक्त बातें कही। मप्र में कांग्रेस की बागडोर संभालने के सवाल पर श्री खान ने इंकार करते हुए कहा कि वे ईमानदारी से काम करने में भरोसा रखते है। परंतु राजनीति में अब ईमानदारी का काम नहीं रह गया है। पीसीसी चीफ किसे बनाया जाये? इस सवाल को टालते हुए श्री शेर खान ने जल्द से जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पीसीसी के पुर्नगठन की वकालत की।
मध्यप्रदेश में सरकार और आवाम के बीच बढ़ रहा है गैप
पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेरखान ने कहा कि संगठन को टाप प्राइटी पर रखना जरूरी होता है तभी सरकार संगठन एवं आवाम में सामजस्य एवं समन्वय बना रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रोग्राम पार्टी संगठन के माध्यम से लागू होना चाहिए। परंतु मप्र में ऐसी स्थिति नहीं है। मप्र सरकार एवं कांग्रेस संगठन में समन्वय नहीं होने से मप्र में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी जनता को इसका अहसास नहीं हो रहा है। क्योंकि कांगे्रस के विधायक एवं मंत्री कहां क्या काम कर रहे है। इसकी जानकारी आवाम को नहीं है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी लहर के बावजूद भी लोकसभा चुनाव में मप्र में कांग्रेस को एक करोड़ 27 लाख मतदाताओं ने अपना वोट दिया था। इसलिए वोट बैंक को साधे रखने के लिए संगठन को मजबूत करना जरूरी है।
अमित शाह के अहंकार से नहीं बन पाई महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर घटित घटनाक्रम के सवाल पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान ने कहा कि अटल जी एवं बाला साहब ठाकरे के जमाने से शिवसेना एवं भाजपा के बीच एक सिस्टम बना हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि अमित शाह अपना अहम एवं अहंकार छोड़ दे तो महाराष्ट्र में शिवसेना- भाजपा गठबंधन की सरकार बन जायेगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन नहीं होने में कांग्रेस का कोई फाल्ट नहीं है। महाराष्ट्र घटनाक्रम को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री खान ने आशंका जताई कि अब नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का डाउन फॉल होना शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में हुई छापामार कार्यवाही को गलत बताते हुए कहा कि चुनाव तो हमेशा बहादुरी से लड़े और जीते जाना चाहिए।
लोस चुनाव में पीएम प्रोजेक्ट नहीं करना कांग्रेस की भूल
बीते लोकसभा चुनाव को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेरखान ने कहा कि बगैर विकल्प के राजनीति नहीं होनी चाहिए। श्री खान के मुताबिक बीते लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी, नरेन्द्र मोदी का विकल्प नहीं बन पाये थे। उन्होंने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रधानमंत्री प्रोजेक्ट करना चाहिए था, यह नहीं कर कांग्रेस ने भूल की थी। राहुल गांधी के नेतृत्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा से नेतृत्व करने से इन्कार करते आ रहे है। कांग्रेस में नई पुरानी पीढ़ी में विकल्प के सवाल पर श्री शेर खान ने कहा कि वे समय आने पर इसका खुलासा करेंगे।

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