बैतूल एसपी की ईमानदार पहल

बॉडी वार्म कैमरों की निगरानी में होगी पुलिस कार्यवाही
विवेक सिंह भदौरिया/ बैतूल। आमजन में पुलिस की स्वच्छ छबि स्थापित करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन पूरा जोर पुलिसिंग में ट्रान्सपेरेंसी पर लगा रहे है। पुलिस की कार्यवाही में पारदर्शिता लाने के लिए महानगरों की तर्ज पर अब जिला मुख्यालय सहित जिले के प्रमुख थानों में पुलिस की कार्यवाही बॉडी वार्म कैमरों की निगरानी में होगी। विशेषकर वाहनों की चैकिंग के दौरान पुलिस कर्मी बॉडी वार्ड कैमरों से लैंस रहेंगे। जिससे वाहन चैकिंग सहित चालानी कार्यवाही की टॉप टू बॉटम वीडियो रिकार्डिंग हो सकेगी। पुलिस अधीक्षक की पहल पर प्रथम चरण में जिला पुलिस को 10 ”बॉडी वार्मÓÓ कैमरे मिले है। यातायात पुलिस द्वारा इनका उपयोग भी शुरू किया जा रहा है। जबकि प्रशिक्षण लेने के बाद अन्य थानों में भी इन हाईटेक कैमरों का उपयोग शुरू हो जायेगा। बॉडी वार्म कैमरे जहां पुलिस के कामकाज में मददगार साबित होंगे, वहीं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों सहित जुआं सट्टा, अवैध शराब एवं अवैध रेत की अनैतिक गतिविधियों की सटीक निगरानी भी हो सकेगी। इतना ही नहीं पुलिस कार्यवाहियों को लेकर होने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच में भी ये कैमरे मददगार साबित होंगे।
पहले चरण में आये 10 बॉडी वार्म कैमरे
पारदर्शी और हाइटेक पुलिसिंग के लिए महानगरों की तर्ज पर पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन की पहल पर बैतूल जिला पुलिस को पहले चरण में दस बॉडी वार्म कैमरे की सौगात मिली है। बॉडी वार्म कैमरे जिला यातायात थाना सहित कोतवाली, गंज, मुलताई, सारणी, शाहपुर एवं भैंसदेही थानों को दिये जा चुके है। बॉडी वार्म कैमरे का उपयोग वाहनों की चेङ्क्षकग सहित अन्य पुलिस कार्यवाही के दौरान पुलिस कर्मी अपनी वर्दी में लगाकर करेंगे।
पुलिसिंग में मददगार साबित होंगे
हाईटेक पुलिसिंग के तहत महानगरों में पुलिस द्वारा बॉडी वार्म कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। परंतु जिला स्तर की पुलिसिंग में अभी इनका उपयोग कम ही देखने को मिला है। हालांकि पुलिस अधीक्षक की पहल पर आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले में जिला पुलिस को बॉडी वार्म कैमरों की सौगात मिल गई है। तकनीकि जानकारों की मानें तो बॉडी वार्म कैमरे पुलिस के कामकाज में खासे मददगार साबित हुए है। इन कैमरों में प्रत्येक गतिविधियों की वीडियो एवं ऑडियो रिकार्डिंग होती है। इन कैमरों की खासियत यह है कि इनमें रिकार्ड हुए वीडियों एवं ऑडियो के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की निगरानी करने तथा पुलिस कार्यवाही में पारदर्शिता के लिए बॉडी वार्ड कैमरे खासे कारगार साबित हुए है।
उल्लेखनीय है कि वाहनों की चेकिंग, चालानी कार्यवाही, यातायात व्यवस्था नियंत्रण के द्वारा अक्सर वाहन चालकों एवं पुलिस कर्मियों के बीच वाद विवाद की स्थिती निर्मित हो जाती है। चूंकि कार्यवाही के दौरान बॉडी वार्म कैमरों में पल-पल की गितिविधी कैद रहती है। इसलिए कैमरों के वीडियो फुटेज एवं ऑडियो रिकार्डिंग की मदद से शिकायतों की जांच पारदर्शिता से की जा सकती है।
पुलिसिंग में आयेगी पारदर्शिता- एसपी
पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन के का मानना है कि विभिन्न पुलिस कार्यवाही विशेषकर वाहनों की चेकिंग के दौरान बॉडी वार्म कैमरों के उपयोग से पुलिसिंग में पारदर्शिता आयेगी। एसपी के मुताबिक जुआं, सट्टा, अवैध शराब, अवैध रेत परिवहन के खिलाफ पुलिस कार्यवाही में भी ये कैमरे मददगार साबित होंगे। एसपी ने बताया कि पहले चरण में जिला पुलिस बल को 10 बॉडी वार्म कैमरे उपलब्ध कराये गये है। जिन्हें बैतूल शहर के कोतवाली, गंज, यातायात थाना सहित जिले के प्रमुख थानों में भेजे गये है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में जिले के अन्य पुलिस थानों में भी बॉडी वार्म कैमरे उपलब्ध कराये जायेंगे।

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