भाजपा ने शिवसेना पर साधा निशाना, कहा – ’50-50 फॉर्मूला पर नहीं हुआ था समझौता’

मुंबई। महाराष्ट्र में गठबंधन पर सहमति ना बन पाने की वजह से आखिरकार मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। मंगलवार को राज्यपाल ने तीसरे बड़े दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को सरकार बनाने का न्यौता दिया था, लेकिन एनसीपी की ओर से तीन दिन का और वक्त मांगे जाने के बाद राज्यपाल ने सूबे में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी थी। जिसे शाम होते होते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी मिल गई थी। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद भी अगर कोई भी दल पूर्ण बहुमत का जरुरी समर्थन जुटा लेता है तो राज्यपाल उस दल को सरकार बनाने की अनुमति दे सकते हैं। बुधवार को भी सूबे की सियासत गर्म बनी हुई है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ ही भाजपा भी नए समीकरणों को तलाशने में जुटी हुई है।

– भाजपा ने अब शिवसेना पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा और शिवसेना के बीच कभी भी 50-50 फॉर्मूले पर समझौता नहीं हुआ था। चुनाव में भी हम 164 सीटों और शिवसेना 124 सीटों पर लड़ी थी। ऐसे में 50-50 का फॉर्मूला कहां लागू हुआ था।

– शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल के बीच कल रात एक महत्वपूर्ण बैठक होने की सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है।

– राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी द्वारा शिवसेना को सरकार बनाने के लिए अतिरिक्त समय ना दिए जाने के मामले में शिवसेना की ओर से लगाई गई याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

– भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा कि हम 145 का जादुई आंकड़ा जुटाने की कोशिश करेंगे। हालांकि उन्होंने इसके लिए एनसीपी, शिवसेना से समर्थन ना लेने का जिक्र भी कर डाला।

– महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद अब नए सिरे से राजनीतिक दलों ने सरकार बनाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। वक्त की पाबंदी ना रह जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अब हमें सरकार बनाने के लिए चर्चा करने पर्याप्त समय मिल गया है। ऐसे में सरकार बनाने की अब कोई जल्दबाजी नहीं है।

– शिवसेना भी अन्य दलों का समर्थन हासिल कर सरकार बनाने के लिए जोडतोड़ में जुटी हुई है। हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने भाजपा से भी बातचीत के रास्ते खुले होने के संकेत दिए हैं।

– भाजपा के देवेंद्र फडणवीस का बयान भी सामने आया है उन्होंने राज्य में स्थिर सरकार बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही है।

बता दें कि महाराष्ट्र में जनता ने भाजपा-शिवसेना के गठबंधन को पूर्ण बहुमत दिया था। लेकिन दोनों ही दलों के बीच सीएम की कुर्सी की लड़ाई ने सूबे की सियासत में कोहराम मचा दिया। राज्य के राजनीतिक हालात इतने बिगड़े की आखिरकार राज्यपाल को राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करना पड़ी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *