बच्चों की प्रतिभाओं को तलाशे, वे कलाम- तेंदुलकर हो सकते है- आनंद चौकसे

बच्चों के बारे में बड़ा नहीं सोचने वाली पेरेंटिंग गलत है
बैतूल।
अभिभावक अपने बच्चों के बारे में बड़ा सोचकर उनकी प्रतिभाओं को तलाशे, आपके बच्चे भी कलाम, तेंदुलकर हो सकते है। बच्चों के बारे में बड़ा नहीं सोचने वाली पेरेंटिंग गलत है। अभिभावक अपने बच्चों के बारे में पॉजिटिव सोच रखें एवं बच्चों को स्वयं निर्णय लेने दे। बच्चों में बहुत दम है बशर्ते उनकी प्रतिभाओं को पहचान कर उसी दिशा में कड़ी मेहनत करवाई जाये, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।
उक्त आशय के उद्गार प्रसिद्ध शिक्षाविद, मोटीवेशन स्पीकर और मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर के संचालक आनंद प्रकाश चौकसे ने शुक्रवार को केशर बाग बैतूल में आयोजित कॅरियर काउंसलिंग वर्कशॉप को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। वर्कशॉप में मेक्रोविजन एकेडमी की डायरेक्टर मंजूशा चौकसे, कॉर्डिनेटर शीतल पोपली एवं बैतूल जिले के प्रसिद्ध शिक्षा विद, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित कांत दीक्षित विशेष रूप से मौजूद थे।
आत्म विश्वास को कम न होने दे
प्रसिद्ध शिक्षाविद् आनंद चौकसे ने कहा कि बच्चे बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि बच्चे आत्म विश्वास को कम न होने दे अपने मन में छुपे हुए डर को दूर करने के लिए एनर्जी लेबल बढ़ाये। श्री चौकसे ने कहा कि हमेशा सुनने के मामले में सिलेक्टिव होना चाहिए। सिर्फ वहीं बात सुने और स्वीकार करें जिससे आपका एनर्जी लेबल बढ़े। उन्होंने कहा कि जिनकी बातें सुनने से एनर्जी लेबल बढ़ता है उसे ही अपना सच्चा दोस्त मानें।
क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित करने की जरूरत
मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर के डायरेक्टर आनंद प्रकाश चौकसे ने कहा कि आज नकलपट्टी के दौर ने सबकुछ गड़बड़ कर दिया है। क्रिएटिविटी पर हमारे यहां अच्छा काम नहीं होने से क्रिएटिविटी मिसिंग हो रही है, परिणाम स्वरूप नया सृजन भी नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि आज क्रिएटिविटी को प्रोत्साहित एवं ओरिजनल को सम्मानित करने की जरूरत है।
अच्छा सोचो और कड़ी मेहनत करो
बच्चों से मुखातिब होते हुए श्री चौकसे ने कहा कि आज के दौर में कुछ भी संभव नहीं है। बस बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि दुनिया में धूम मचाना है तो अच्छा सोचने के साथ ही अच्छा नॉलेज प्राप्त करने के लिए कम से कम पांच हजार घंटे मेहनत करने की आवश्यकता है। तब हम अपनी मनचाही फील्ड में सफलता हासिल कर सकते है।
विदेशों में भी बेशुमार है कैरियर बनाने के अवसर
प्रसिद्ध शिक्षाविद् श्री चौकसे ने कहा कि आज बच्चों के कैरियर के मामले में अभिभावकों की सोच आईआईटी एवं नीट तक ही सीमित रह गई है। जबकि अमेरिका आस्टे्रलिया सहित अन्य देशों में कैरियर बनाने के लिए बेशुमार मौके है। उन्होंने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई के लिए भरपूर स्कालरशिप भी मिलती है। श्री चौकसे के मुताबिक मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर से पासआउट अनेक विद्यार्थी विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे है।
प्रतिभाओं की पहचान करना जरूरी- पं. कांत दीक्षित
प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित कांत दीक्षित ने कहा कि समाज में हो रहे परिवर्तन के साथ ही शिक्षा में परिवर्तन आज जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को ढूंढकर उनकी पहचान करने की जवाबादारी हमारी है। शिक्षा के उत्कृष्ट कार्य के लिए पं. कांत दीक्षित ने मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर के डायरेक्टर आनंद प्रकाश चौकसे की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम का संचालन मेक्रोविजन एकेडमी की कॉर्डिनेटर शीतल पोपली ने किया।
कलार समाज ने किया सम्मान
नि:शुल्क कैरियर काउंसलिंग वर्कशॉप में शिरकत करने बैतूल आए प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर के डायरेक्टर आनंद प्रकाश चौकसे का हैहय क्षत्रिय कलार समाज बैतूल द्वारा सम्मान किया।
हैहय क्षत्रिय कलार समाज बैतूल के जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर मालवीय के नेतृत्व में आधा सैकड़ा सामाजिक बंधुओं ने शुक्रवार दोपहर को केशरबाग में मेक्रोविजन एकेडमी बुरहानपुर के डायरेक्टर आनंद प्रकाश चौकसे का पुष्पाहारों से स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वर्कशॉप के बाद श्री चौकसे ने हैहय क्षत्रिय कलार समाज के जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर मालवीय के निवास पर पहुंचकर वहां सामाजिक बंधुओं से भेंट की।

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