अमित शाह उद्धव ठाकरे से मिलने जा सकते हैं मातोश्री, तनाव कम करने की कोशिश!

मुंबई। बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह 30 अक्‍टूबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से ‘शिष्‍टाचार भेंट’ करने उनके आवास ‘मातोश्री’ जा सकते हैं। दोनों की इस मुलाकात को महाराष्‍ट्र में चल रहे राजनीतिक तनाव को कम करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। रविवार को दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने से शिवसेना का आंकड़ा 60 हो गया है जिससे उसका आत्‍मविश्‍वास बढ़ा है। 30 को ही बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता नियुक्‍त करने वाली है।
हालांकि, महाराष्‍ट्र बीजेपी के प्रवक्‍ता गिरीश व्‍यास ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘शाह पहले भी मातोश्री जा चुके हैं इसलिए अगर वह इस बार भी जाते हैं तो यह महज शिष्‍टाचार भेंट ही होगी।’ बीजेपी नहीं चाहती कि शाह की इस मुलाकात को शिष्‍टाचार भेंट से ज्‍यादा के रूप में देखा जाए क्‍योंकि महाराष्‍ट्र में चल रही राजनीतिक रस्‍साकशी के दौरान शिवसेना और बीजेपी में से कोई भी खुद को कमजोर नहीं दिखाना चाहेगी।
निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिशें जारी
वैसे दोनों ही दलों ने पर्दे के पीछे से एक-दूसरे को मात देने का खेल शुरू कर दिया है। महाराष्‍ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दो दिन पहले कहा था कि 15 निर्दलीय विधायकों ने सरकार बनाने के लिए पार्टी को समर्थन देने का वादा किया है। दूसरी तरफ शिवसेना भी बीजेपी के सााथ मोलभाव करने की अपनी ताकत को बढ़ाने के क्रम में निर्दलीय विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है। शिवसेना को रविवार को ही विदर्भ की प्रहर जनशक्ति पार्टी के दो विधायकों ने समर्थन दिया। अचलपुर के विधायक बाच्‍चू काडु और मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की थी। शिवसेना के पास पहले से दो और निर्दलीय विधायकों का समर्थन है, इस तरह उसकी संख्‍या 60 तक पहुंच गई है।
सत्‍ता का रिमोट उद्धव ठाकरे के पास: राउत
बीजेपी और शिवसेना दोनों ही जोरशोर से निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं और ये विधायक भी दोनों दलों से अपनी शर्तों पर समर्थन देने की बात कह रहे हैं। शिवसेना की मंशा है कि वह बीजेपी को इतना मजबूर करदे कि वह शिवसेना के बिना सरकार न बना पाए। बीजेपी से महाराष्ट्र में 50-50 फॉर्म्युले पर सरकार बनाने की मांग कर रही शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने रविवार को पार्टी के मुखपत्र सामना में एक लेख लिखकर इस बारे में बीजेपी को साफ संदेश दिया है। राउत ने लिखा, भले ही 2014 की अपेक्षा शिवसेना ने इस चुनाव में कम सीटों पर जीत हासिल की है, लेकिन सत्ता का रिमोट अब उद्धव ठाकरे के पास है।
बीजेपी को उम्‍मीद कांग्रेस के साथ नहीं जाएगी शिवसेना
रविवार को वरिष्‍ठ बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में उम्‍मीद जताई कि शिवसेना और बीजेपी मिलकर सरकार बनाएंगे। शिवसेना को कांग्रेस की ओर से सरकार बनाने के आमंत्रण पर उन्‍होंने कहा, ‘उद्धव बाल ठाकरे के बेटे हैं। वह अपने पिता के सिद्धांतों के खिलाफ कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाएंगे। कांग्रेस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कांग्रेस के सिद्धांत और विचारधारा एकदम अलग हैं।’ पाटिल ने कहा, ‘अगर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन सरकार बनाता है तो यह दोनों दलों के लिए सम्‍मान और संतोष की बात होगी।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *