‘आंदोलन’ की भनक से घबराई सरकार, चार सिपाही निलंबित

इंदौर। पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर आंदोलन छेड़ने की भनक से सरकार व खुफिया विभाग में हड़कंप मचा है। आला अफसर आंदोलन दबाने में जुट गए। कई शहरों की क्राइम ब्रांच अलर्ट हुई। आंदोलन की कमान संभालने वाले सिपाहियों को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी। उनके फेसबुक, टि्वटर, वाट्सएप अकाउंट्स की छानबीन की और इंदौर सहित भिंड, जबलपुर, उज्जैन के चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के सैकड़ों सिपाहियों ने पिछले दिनों गृह जिला पोस्टिंग, आवास भत्ता, साइकिल भत्ता, पे-ग्रेड को लेकर मांगें शुरू कर दी थीं। कुछ सिपाहियों ने वाट्सएप पर ग्रुप बना लिए व फेसबुक, टि्वटर पर कमेंट्स पोस्ट कर दिए। सूत्रों के मुताबिक, अफसरों ने सभी शहरों की क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी व एसपी (पूर्वी) मो. युसूफ कुरैशी के ऑफिस में पदस्थ सिपाही नीतेश राठौर (3797) सहित भिंड के मनोज, जबलपुर के शुभम व उज्जैन के आकाश को निलंबित कर दिया है।
सीएम के बयान से धोखा खा गए आंदोलनकारी सिपाही
सिपाहियों ने बयान में कहा कि उनकी मंशा विभाग और शासन की छवि को धूमिल करने की नहीं थी। उन्होंने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री का एक बयान सुना था, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों की समस्या, मांग के बारे में कहा कि कर्मचारी सीधे बातचीत कर सकते हैं। सिपाहियों ने अपनी बात शासन तक पहुंचाने की मंशा से सोशल मीडिया पर ग्रुप बना लिया और सभी को एकजुट करना शुरू कर दिया।
आचरण विरुद्ध कार्य पुलिसकर्मियों को विधिवत तरीके से अपनी बात रखनी थी। उन्होंने आचरण विरुद्ध कार्य व सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्हें समस्या है तो नियमानुसार बातें रख सुनवाई करेंगे।

बाला बच्चन, गृहमंत्री, मध्य प्रदेश

लाइन अटैच किया
मामले की जानकारी मिलने पर सिपाही को अनुशासनहीनता के कारण निलंबित कर लाइन अटैच किया गया है।

मो. युसूफ कुरैशी, एसपी पूर्वी

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