वन मंत्री सिंघार ने वित्तीय सलाहकार को दी गाड़ी, अफसर नाराज

भोपाल। अफसरों के कार्यक्षेत्र में सीधे दखल देने को लेकर वनमंत्री उमंग सिंघार लगातार विवादों में बने हुए हैं। सिंघार ने 13 दिन पहले सचिवालयीन सेवा के अफसरों के बीच अपने स्तर से कार्य विभाजन कर दिया था, जिससे नाराज होकर विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। मंत्री ने अब विभाग के वित्तीय सलाहकार रणजीत सिंह चौहान पर कृपा बरसाई है। मंत्री सिंघार ने उन्हें पूर्व पीसीसीएफ एसके सिंह का वाहन आवंटित कर दिया है। इस आदेश से वन अफसर नाराज दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह काम समन्वय शाखा का है।
रणजीत सिंह चौहान वन विभाग में वित्तीय सलाहकार हैं। वह पहले वन मुख्यालय में बैठते थे। विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव केके सिंह ने चौहान के मंत्रालय में बैठने की व्यवस्था कर दी। तब से वे मंत्रालय में बैठ रहे हैं। हाल ही में चौहान ने सरकारी वाहन की मांग की थी। विभाग ने जब वाहन देने से इंकार कर दिया, तो वनमंत्री सिंघार ने खुद ही उन्हें वाहन आवंटित कर दिया। उन्होंने साफ लिखा है कि यह आदेश एक अक्टूबर से प्रभावशील होंगे। मंत्री का यह आदेश वन मुख्यालय पहुंच गया है।
समन्वय शाखा ने इसमें आपत्ति दर्ज कराते हुए निर्णय के लिए फाइल वन बल प्रमुख डॉ. यू. प्रकाशम् को भेज दी है। मामले में वन अफसर सीधे तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन अफसरों के अधिकारों को अधिक्रमित करने से नाराज भी हैं।
अफसरों के पास पुरानी गाड़ी
मंत्री सिंघार के इस निर्णय को लेकर अफसर इसलिए भी नाराज हैं। क्योंकि वन मुख्यालय के करीब 58 वरिष्ठ अफसर पुरानी गाड़ियों से काम चला रहे हैं। उन्हें उनके पद के मुताबिक गाड़ियां नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में 30 सितंबर को रिटायर्ड हुए पीसीसीएफ एसके सिंह की गाड़ी वित्तीय सलाहकार को देने पर सभी को आपत्ति है।
संशोधित नोटशीट मंत्रालय पहुंची
विभाग के अपर मुख्य सचिव के अधिकारों को अधिक्रमित करते हुए अफसरों में कार्य विभाजन करने के मामले में मंत्री की नई नोटशीट मंत्रालय पहुंच गई है। इस नोटशीट में क्या है, अभी सामने नहीं आया है। सूत्र बताते हैं कि विवाद की स्थिति बनने के बाद मंत्री ने एसीएस के अधिकारों में बढ़ोतरी की है। ज्ञात हो कि मंत्री ने एसीएस को मॉनीटरिंग का जिम्मा सौंपा था।
वनमंत्री की एक और नोटशीट
वनमंत्री ने अपने ओएसडी डॉ. अंकुर अवधिया को मकान देने के लिए एक नोटशीट लिखी थी। वन बल प्रमुख ने इस नोटशीट पर पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर मकान आवंटित होने के नियम बता दिए है। साथ ही कहा है कि एपीसीसीएफ एयू खान ने इस मकान के लिए पहले आवेदन दिया है। इसलिए अब यह उन्हें आवंटित किया जाएगा।
हमने प्रस्ताव भेज दिया
हमने वित्तीय सलाहकार को वाहन आवंटित करने का प्रस्ताव वन बल प्रमुख को भेज दिया है। अब उन्हें निर्णय लेना है।

  • अनिल श्रीवास्तव, एपीसीसीएफ, समन्वय

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