688 आश्वासन लंबित, मुख्य सचिव ने बुलाई समीक्षा बैठक

भोपाल। कमलनाथ सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके मद्देनजर मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती 30 अक्टूबर को मंत्रालय में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें 688 आश्वासन सहित लंबित अन्य मुद्दों पर जानकारियां ली जाएंगी। बताया जा रहा है कि सत्र में दो-तीन नए सहित संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक विधानसभा की तगड़ी निगरानी व्यवस्था को देखते हुए सरकार ऐसा कोई भी मौका नहीं देना चाहती है, जिसके चलते उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठें। इसके मद्देनजर संसदीय कार्य विभाग लगातार सभी विभागों से लंबित मामलों को लेकर फीडबैक तो ले ही रहा है अब मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक भी कराई जा रही है। 30 अक्टूबर को होने वाली इस बैठक में आश्वासन, शून्यकाल की सूचना, अपूर्ण उत्तर और लोक लेखा समिति की लंबित सिफारिशों पर बात की जाएगी। इसके साथ ही शीतकालीन सत्र में रखे जाने वाले नए कानून और संशोधन विधेयक की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि आदिवासियों को कर्जमाफी देने संबंधी संशोधन विधेयक, नगर निगम व नगर पालिका अधिनियम में संशोधन जैसे विधेयक प्रस्तुत होंगे। इसके साथ ही लोगों को पानी का अधिकार देने का कानून भी प्रस्तुत किया जा सकता है। इसका मसौदा तैयार हो चुका है।

राजस्व, स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा के सर्वाधिक आश्वासन लंबित
संसदीय कार्य विभाग के मुताबिक स्वास्थ्य, राजस्व, स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के 55-55 से ज्यादा आश्वासन लंबित हैं। सहकारिता, लोक निर्माण, जनजातीय कल्याण, उच्च शिक्षा के 35-35 से ज्यादा आश्वासन के जवाब विधानसभा सचिवालय को नहीं मिले हैं। इसी तरह सर्वाधिक अपूर्ण उत्तर 30 कृषि विभाग के हैं। सामान्य प्रशासन और गृह विभाग को 20-20 से ज्यादा मामलों में उत्तर देना है।

दिसंबर में होगा विस का शीतकालीन सत्र
सूत्रों का कहना है कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। दरअसल, सत्र प्रारंभ करने से पहले कम से कम 1 दिन पहले अधिसूचना जारी होना चाहिए। अधिसूचना जारी होते ही विधायक प्रश्न आदि लगाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। संसदीय कार्य विभाग विधानसभा सचिवालय से चर्चा करके प्रस्ताव तैयार कर रहा है। संसदीय कार्य मंत्री डॉ.गोविंद सिंह मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ चर्चा करके इसे अंतिम रूप देंगे।

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