पीथमपुर के उद्योगों ने रखी 22 मांगें, मुख्यमंत्री बोले 80 प्रतिशत पर काम शुरू

इंदौर। इन्वेस्टर्स समिट ‘मैग्निफिसेंट एमपी-2019″ की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पीथमपुर के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा की। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में पीथमपुर औद्योगिक संगठन के साथ मुख्यमंत्री की बैठक हुई। पीथमपुर के उद्योगों की तरफ से 22 मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। करीब 40 मिनट चली चर्चा के अंत में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो मांगें आप रख रहे हैं, उनमें से 80 फीसदी पर सरकार पहले ही काम शुरू कर चुकी है। बैठक में मुख्य सचिव एसआर मोहंती व प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी मौजूद रहे। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी, चेयरमैन अजय शिवेकरी ने मुख्यमंत्री से कहा कि लघु व बड़े उद्योगों के मंत्रालय को एक किया जाना चाहिए। इसी तरह एकेवीएन के एमपीआईडीसी में एकीकरण को भी उद्योगों के लिए समस्या पैदा करने वाला बताया। पीथमपुर के उद्योगपतियों ने कहा कि एसईजेड के दर्जे के साथ वहां के उद्योगों को दी गई सुविधाएं अब खत्म हो गई हैं।
मप्र की उद्योग नीति के तहत सुविधाएं भी विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र में लागू नहीं है। उद्योगों की बिजली की दरों पर भी मांग रखी गई कि पीथमपुर एसईजेड में तो चार रुपए यूनिट जबकि पीथमपुर के अन्य उद्योगों को महंगी बिजली मिल रही है। लिहाजा समान रूप से एमपीआईडीसी ही पूरे पीथमपुर में समान दरों पर विद्युत आपूर्ति करे। सेक्टर-3 में एक सबस्टेशन स्थापित करने की मांग भी रखी गई। औद्योगिक दुर्घटनाओं के साथ श्रम कानूनों की विसंगतियों की ओर भी उद्योगपतियों ने ध्यान दिलाया। साथ ही बीते वर्षों के वैट और जीएसटी के अटके रिफंड जारी करवाने की मांग रखी गई।
राज्य की क्रय नीति में 50 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय उद्योगों को मिले
उद्योगों ने कहा कि सरकार को ऐसे प्रावधान करना चाहिए कि राज्य की क्रय नीति में 50 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय उद्योगों को दिया जाए। पीथमपुर में ट्रांसपोर्ट पार्क की स्थापना के साथ दोहरे करारोपण को भी समाप्त करने की मांग रखी गई। उद्योगपतियों ने कहा कि बिरला समूह के कुमार मंगलम बिरला समिट में शामिल होने आ रहे हैं। उनसे सरकार आग्रह करे कि पिलानी की तरह बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना मप्र में भी की जाए। इससे युवाओं को बेहतर शिक्षा व उद्योगों के लिए बेहतर टैलेंट उपलब्ध हो सकेगा।
नई सरकार ज्यादा करीब
बैठक के बाद पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने टिप्पणी की कि नई सरकार उद्योगों के ज्यादा करीब है। मुख्यमंत्री को उद्योग ई-मेल करते हैं तो तुरंत जवाब मिलता है। समस्याएं बताते हैं तो तुरंत हल हो जाती है। उद्योगों की शिकायत पर परेशान करने वाले टीआई का भी तुरंत तबादला कर दिया गया। पुराने मुख्यमंत्री उद्योगों के ज्यादा करीब जाने में डरते थे। कमलनाथ उद्योगों के साथ उद्योगों की समस्याओं को भी बेहतर तरीके से समझते हैं।

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