अस्पताल में शव की आंखों में लग गईं चींटियां, सीएम कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

शिवपुरी। प्रदेश के नंबर-1 रह चुके जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां भर्ती एक मरीज की मौत के बाद उसका शव पांच घंटे तक बेड पर पड़ रहा और कोई उसे उठाने नहींआया। हद तो तब हो गई, जब उसकी आंखों पर चीटियां रेंगने लगी। जिला अस्पताल इसे साधारण मौत बता रहा है, लेकिन इंसानियत के नाम पर यह घटना शर्मसार करने वाली है। मरीज ने जब दम तोड़ा, तब उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था।
इस मामले में सीएम कमलनाथ ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि, शिवपुरी के जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत होने पर उसके शव पर चीटियां चलने और इस घटना पर बरती गई लापरवाही की घटना बेहद शर्मनाक है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
शहर की फक्कड़ कॉलोनी में रहने वाले बालचंद्र लोधी (50) पुत्र रूपसिंह लोधी को इलाज के लिए दो दिन पहले जिला अस्पताल के मेडीकल वार्ड में भर्ती किया गया था। बताया जा रहा है कि वह क्षय रोग से पीड़ित था। इलाज के दौरान सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने सुध नहीं ली तब आसपास के मरीजों ने 8 बजे अस्पताल के स्टाफ को जानकारी दी। बावजूद इसके ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दिनेश राजपूत सहित वार्ड ब्वॉय और नर्सों ने कोई ध्यान नहीं दिया। शव पांच घंटे तक पलंग पर पड़े रहने के कारण मरीज की आंख पर चीटियां रेंगती दिखाई देने लगीं।
मरीजों ने ही पत्नी रामश्री को बुलाया
अस्पताल प्रबंधन किस कदर लापरवाह है, इसकी बानगी इस बात से मिलती है कि न सिर्फ स्टाफ को मरीजों ने सूचना दी, बल्कि 11 बजे तक जब कोई मृतक बालचंद की सुध नहीं लेने आया तो मरीजों ने ही उसकी पत्नी रामश्री लोधी को बुलाया।
रोते-रोते रामश्री ने पल्लू से हटाईं चीटियां
जैसे ही रामश्री सूचना मिलने के बाद अस्पताल आई वह फूट-फूट कर रोने लगी। उसने अपने पति की आंख पर चीटियां देखी तो अवाक रह गई। मौके पर मौजूद मरीजों के मुताबिक ऐसे में रामश्री ने ही पल्लू से चीटियां आंख से हटाईं। बाद में अपने पति के शव को जैसे-तैसे मरीजों के सहयोग से ही अस्पताल से लेकर गई।
नवजात की उंगुली काट चुके हैं चूहे
जिला अस्पताल में एक दो नहीं बल्कि कई शर्मशार करने वाली घटनाएं सामने आई हैं। करीब एक साल पहले जिला अस्पताल में चूहों ने एक न नवजात की अंगुली काट ली थी। इसके बाद इस मामले ने तूल पकडा तो उसके बाद जिला अस्पताल में चूहें पकड़ने का अभियान चलाया था, लेकिन अब भी जिला अस्पताल में चूहे मरीजों बीच धमाचौकड़ी मचाते हुए देखे जा सकते हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीज की हो चुकी हैं हत्या
कुछ माह पहले जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की गला रेतकर सनसनीखेज हत्या कर दी गई थी। मरीज टीबी से पीडित था और उसे एक महिला ने भर्ती कराया था। जिसके बाद जमीनी विवाद के चलते सुबह के समय मरीज की गर्दन चाकू से रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी और उसके बाद किसी तरह से पुलिस ने इस मामले का पटाक्षेप किया और आरोपितों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
शव के लिए नहीं एंबुलेंस तो कंधे पर रखकर ले गए शव परिजन
जिला अस्पताल में ही शर्मशार करने वाला एक और मामला सामने आया था।इसमें एक मरीज की मौत के बाद उसे वाहन या स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया था। परिजन शव को कंधे पर रखकर ले जा रहे थे। इसके बाद जब इस मामले को लेकर अधिकारियों से पूछताछ की, तब कहीं जाकर शव को वाहन से गांव तक भेजा गया।
मरीज की मौत के बाद हो चुकी है तोड़फोड़
एक मरीज की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल के आईसीयू में जमकर तोड़फोड़ कर दी और डॉक्टरों के साथ भी मारपीट कर दी थी। इसके बाद जिला अस्पताल के आईसीयू पर तालाबंदी कर दी गई थी और करीब 2 साल बाद किसी तरह से पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न तोमर के हस्तक्षेप के बाद आईसीयू को चालू किया गया।
प्रसूताओं के परिजनों ने भी लगाए पैसे लेने के आरोप
कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत हुई। इस मामले को लेकर मेटरनिटी में तैनात डॉक्टरों व नर्सों पर प्रसूताओं के परिजनों ने पैसे लेने और डॉक्टर पर इलाज न करने के आरोप भी लगाए। इन सबसे साफ है कि जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती जाती है।
यह बोले अधिकारी
सुबह बालचंद्र लोधी की मौत हुई थी। वह बीमार था। उसी के चलते दम तोड़ा। उसकी आंख पर चीटियां रेंगने और स्टाफ के लापरवाही की जानकारी मुझे नहीं है। जानकारी लेकर दोषी स्टाफ पर कार्रवाई करूंगा।
-डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, आरएमओ जिला अस्पताल शिवपुरी

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