हमारे लिए गोमाता सियासत नहीं, आस्था व गौरव का प्रतीक: कमलनाथ

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर नौ घंटे बाद जवाब देते हुए कहा है कि हमारे लिए गोमाता सियासत नहीं, आस्था और गौरव का प्रतीक है। गोमाता की रक्षा व संवर्धन के लिए जो काम सालों से नहीं हो पाए, वे हम करना चाहते हैं। 1000 गोशालाएं बनाने का काम प्रगति पर है और अगले साल तक 3000 हजार गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह ट्वीट में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सच्चा गोभक्त बनने के लिए सलाह देते हुए कहा था कि वे सड़क पर बैठी गोमाताओं को गो शालाओं व गौ-अभयारण्यों में भिजवाएं। ये गोमाताएं सड़क पर बैठी रहती हैं और एक्सीडेंट का शिकार होती हैं। सिंह ने कहा कि अगर इन गोमाताओं को गो शालाओं व गौ अभयारण्यों में भेज देते हैं तो कथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट के साथ भोपाल-इंदौर हाईवे का एक चित्र पोस्ट किया है जिसमें गाय का समूह बीच सड़क पर दिखाई दे रहा है।

प्रमुख शहरों के आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना

दिग्विजय सिंह के ट्वीट के जवाब में मुख्यमंत्री ने उन्हें जानकारी दी कि सरकार द्वारा बारिश के मौसम को देखते हुए गोमाताओं के सड़कों पर बैठने व वाहन दुर्घटनाओं का शिकार होने को लेकर कार्ययोजना बनाई थी। 1000 गोशालाओं का काम चल रहा है और अगले साल 3000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। इन गोशालाओं के बनने के बाद ही गोमाताओं के सड़क पर बैठने में कमी आएगी। कमलनाथ ने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना पर काम कर रही है।

जब पद थे तो तब के काम देखें

पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मीडिया से चर्चा में ट्वीट पर हुए सवाल का जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि जब वे पद पर थे तब के अपने काम देखें। उन्हें आत्मावलोकन कराना चाहिए। वर्मा ने पत्रकारों के नाम पूछने पर कहा कि चाहे वे शिवराज सिंह चौहान हो या कोई और।

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