सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई एक दिन घटी, अब 17 तक ही होगी बहस

नई दिल्ली। अयोध्या जन्मभूमि मामले में फैसले का इंतजार हो रहा है और इस बीच सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई का एक दिन कम हो गया है। पहले जो सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होनी थी उसे अब 17 अक्टूबर को ही पूरा करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने पहले सुनवाई पूरी होने के लिए 18 अक्टूबर की तारीख तय की थी। लेकिन, शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने सुनवाई के 37वें दिन इस मामले में बहस की अंतिम तारीख तय कर दी। पीठ ने कहा कि मामले से जुड़ा मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी बहस पूरी करेगा। इसके बाद दो दिन 16 अक्टूबर तक हिंदू पक्षों को बहस का मौका दिया जाएगा। 17 अक्टूबर सुनवाई का अंतिम दिन होगा।
दरअसल, अदालत ने सुनवाई पूरी करने के लिए नई तारीख तब की जब रामलला के वकील सीएस वैद्यनाथन ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन की लंबी खिंचती दलीलों का मुद्दा उठाया। वैद्यनाथन ने कहा कि न्यायालय सुनवाई का शेड्यूल तय कर दे क्योंकि धवन ने अभी अपना पहला नोट भी खत्म नहीं किया है और इन्हें दो नोट और पढ़ने हैं। यह अपनी बहस कब पूरी करेंगे।
इसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि अगले सोमवार यानी 14 अक्टूबर को धवन मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस पूरी कर लेंगे। इसके बाद 15 और 16 अक्टूबर को हिंदू पक्ष जवाब खत्म कर लेगा। 17 अक्टूबर को कोर्ट वैकल्पिक मांगों पर पक्षकारों का पक्ष सुनेगा और शुक्रवार को छुट्टी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि 17 अक्टूबर तक बहस पूरी हो जाएगी। बहस की समयसीमा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उससे पहले मामले में फैसला आएगा। अगर 17 अक्टूबर को सुनवाई खत्म होती है तो अदालत के पास सिर्फ चार कार्यदिवस बचे हैं।
संविधान पीठ में अन्य जज जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नजीर शामिल हैं। पीठ ने पूर्व में सुनवाई की अंतिम तारीख 18 अक्टूबर तय की थी। इस मामले में फैसला 17 नवंबर तक आने की संभावना है क्योंकि इसी दिन प्रधान न्यायाधीश गोगाई सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।

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