कमलनाथ ने छोड़ा दिल्ली का दो दशक से भी ज्यादा पुराना बंगला

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को दिल्ली का अपना दो दशक से भी ज्यादा पुराना बंगला छोड़ दिया है। अब वह मध्य प्रदेश भवन में शिफ्ट हो गए हैं। दिल्ली आने पर अब वे वहीं रुकेंगे। वैसे भी बतौर मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश भवन में पहले से ही उनके लिए एक बड़ा सुइट आरक्षित है। वहीं सीएम के मध्य प्रदेश भवन में शिफ्ट होने के साथ ही उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। कमलनाथ का यह एक नंबर का बंगला दिल्ली के तुगलक रोड पर था। बतौर छिंदवाडा सांसद 1998 में यह बंगला उन्हें मिला था। बाद में वह इसी बंगले में रहते हुए केंद्र में मंत्री भी बने। वह इसी बंगले से प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने, तब भी वह उसी बंगले में रहे। दो दशकों के बीच यह बंगला कमलनाथ की पहचान बन गया था। लोग इसे उनके स्थाई ठिकाने के रूप में जानने लगे थे। इसके साथ ही यह उनके जीवन के कई सारे उतार-चढाव का गवाह भी यह बंगला रहा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने और छिंदवाड़ा की लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद ही यह तय हो गया था कि अब यह बंगला ज्यादा दिन उनके पास नहीं रहेगा। हालांकि अब तक वह इसे अपने पास रखे हुए थे, लेकिन गुरुवार को उन्होंने इसे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को सौंप दिया। वहीं मुख्यमंत्री के मध्य प्रदेश भवन में शिफ्ट होते ही भवन में हलचल बढ़ गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दौरान भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक मीटिंग भी की है। बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी लोकसभा चुनाव में हार के बाद सालों पुराने अपने बंगले को खाली कर दिया था। फिलहाल उन्होंने बिड़ला हाउस को नया ठिकाना बनाया है।

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