कमलनाथ की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात आज, प्राकृतिक आपदा का बताएंगे हाल

भोपाल। इस बार मानसून सीजन में भारी बारिश के चलते मध्य प्रदेश में काफी बर्बादी हुई। सोयाबीन, मक्का के अलावा कई और खरीफ फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। मंदसौर, नीमच, शाजापुर जैसे जिलों में तो सैंकड़ों मकान बारिश और बाढ़ के चलते धराशायी हो गए। प्राकृतिक आपदा के चलते मध्य प्रदेश में न सिर्फ फसलों को नुकसान हुआ, बल्कि कई स्थानों पर सड़कें भी बह गईं। केंद्र का दल भी प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का जायजा लेकर जा चुका है।
इस बीच आज मुख्यमंत्री कमलनाथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे प्रदेश में प्राकृतिक आपदा का हाल बताते हुए राहत पैकेज तत्काल उपलब्ध कराने का आग्रह करेंगे। राजस्व विभाग ने केंद्र सरकार को सात हजार 154 करोड़ रुपए का मांग पत्र भेजकर शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।प्रदेश में बारिश से 39 जिले प्रभावित हैं। 56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल चौपट हुई है तो लगभग 54 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत तक फसल को नुकसान पहुंचा है।
प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी ने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 16 हजार 700 करोड़ रुपए मूल्य की फसल को नुकसान हुआ है। सड़क, पुल, पुलिया सहित सार्वाजनिक संपत्तियों को करीब तीन हजार करोड़ रुपए की क्षति का आकलन किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत के कामों को गति देने के लिए तत्काल सहायता राशि की दरकार है। राज्य सरकार ने एसडीआरएफ की दूसरी किस्त 533 करोड़ रुपए भी मांगी है। अभी राज्य आपदा प्रबंधन में 285 करोड़ रुपए ही उपलब्ध हैं, जबकि राहत कामों के लिए बड़ी राशि की आवश्यकता है। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस में जमकर बयानबाजी भी हो रही है। गुरुवार को ही वित्त मंत्री तरुण भनोत ने भाजपा पर बाढ़ से हुए नुकसान के मुद्दे पर सियासत करने का आरोप लगाया था।

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