उद्योगों को प्रोत्साहन राशि सूबे में ही करनी होगी निवेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एमपी फर्स्ट फार्मूला के तहत नीतियों में बदलाव करने का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत उद्योगों को निवेश पर मिलने वाले प्रोत्साहन का लाभ प्रदेश को दिलाने के मकसद से निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्धन नीति में बदलाव किया जा रहा है। सरकार उद्योगों को करोड़ों रुपए की जो छूट विभिन्न् माध्यमों से देती है, उसका इस्तेमाल उन्हें प्रदेश में अपनी इकाईयों के विस्तार सहित अन्य कामों में करना होगा। इसके लिए उद्योग विभाग ने नीति में संशोधन का मसौदा तैयार किया है, जो जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तय किया है कि निवेश के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नीति रखी जाएगी। इसमें प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने की बात सामान्य रूप से सभी में लागू रहेगी। उद्योगों द्वारा प्रदेश में निवेश करने पर कई तरह की सुविधाएं उद्योग विभाग निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत देता है। अभी तक इसके माध्यम से मिलने वाली करोड़ों रुपए की सहायता का उपयोग कहां किया जाएगा, इसको लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि उद्योग को प्रोत्साहन स्वरूप मिलने वाली सहायता का इस्तेमाल वो अपनी इकाई का विस्तार, क्षमता वृद्धि या निर्माण कार्य में कर सकते हैं। वहीं, इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो अब उद्योग नीति का मुख्य पहलू होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार उद्योग नीति में स्थानीय स्तर पर 70 फीसदी लोगों को रोजगार देने का प्रावधान लागू कर चुकी है। उद्योग विभाग के सूत्रों का कहना है कि उद्योग नीति में संशोधन के कुछ प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
सीमेंट प्लांट में चलेंगे मप्र के ट्रक
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने रोजगार के लिए नया प्रयोग करते हुए एक सीमेंट कंपनी को इस बात के लिए राजी कर लिया है कि मध्यप्रदेश में जो प्लांट लगेगा, उसमें तैयार सीमेंट के परिवहन में मध्यप्रदेश के ट्रकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका खुलासा उन्होंने मंगलवार को भोपाल के एक कार्यक्रम में किया। उन्होंने कहा कि कंपनी को हम नीति के मुताबिक छूटें देंगे पर उसे हमारे लोगों को रोजगार देना होगा। इससे कंपनी को यह फायदा होगा कि उसे परिवहन के लिए वाहन में लागत नहीं फंसानी होगी।
वहीं, प्रदेश के ट्रक लगने से प्रत्यक्ष तौर पर ड्राइवर, क्लीनर और मैकेनिक को काम मिलेगा। वहीं, अप्रत्यक्ष तौर पर होटल, नाश्ता घर जैसे कुछ अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बनेंगे।
यह दी जाती है सुविधा

  • सूक्ष्म और लघु उद्योग के लिए स्थाई पूंजी निवेश पर 15 फीसदी की सबसिडी।
  • विशाल परियोजनाओं के लिए भूमि सबसिडी 75 प्रतिशत (प्रीमियम पर)।
  • सूक्ष्म और लघु उद्योग के लिए सात साल की अवधि के लिए पांच फीसदी की ब्याज सबसिडी।
  • औद्योगिक पार्क की स्थापना की बुनियादी सुविधाओं की विकास लागत पर 15 प्रतिशत की वित्तीय सहायता।
  • बड़ी निवेश वाली परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों की एक विशेष पैकेज।
  • नई कपड़ा इकाइयों को पूंजी निवेश पर 10 प्रतिशत निवेश सबसिडी।
  • अचल पूंजी निवेश वाली नई इकाइयों को सात साल के लिए प्रवेश कर पर छूट।

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