हनी ट्रैप केस: आईटी डीजी बोले – आयकर चोरी का मामला बनता है

भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में आयकर विभाग के महानिदेशक आरके पालीवाल ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ब्लैकमेलिंग अपराध है। इसके जरिए जो धन संपत्ति बटोरी गई है, उस पर आयकर अदायगी का मामला बनता है। यह भी देखा जाना चाहिए कि इस गिरोह को सरकारी अनुदान और ठेके देकर जनता के धन का कितना दुरुपयोग हुआ। किसी ने यदि अपनी काली कमाई खर्च की है तो भी भ्रष्टाचार व आयकर चोरी का मामला बनता है।
पालीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मामले की तह तक जाने की कोशिश न मीडिया कर रहा है और न सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग। सभी नई सनसनी खोजकर फैला रहे हैं। इस मामले में समाज की नैतिकता तो कठघरे में खड़ी है ही, लेकिन उससे भी जरूरी कुछ मुद्दे हैं जो और भी अहम हैं। मेरे विचार में इसमें निम्न आपराधिक मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं…

  1. गिरफ्तार गिरोह के मामले में एक तो ब्लैकमेलिंग का अपराध है और दूसरा इससे जो धन संपत्ति बटोरी है, उस पर आयकर अदायगी का मामला बनता है।
  2. जिन दूसरे लोगों तथा आईएएस, आईपीएस, अन्य अधिकारी, मंत्री-सांसद एवं ठेकेदार आदि के नाम उछल रहे हैं, उनके मामले में यह जांच जरूरी है कि उन्होंने इस गिरोह को सरकारी अनुदान और
  3. ठेके देकर जन-धन का कितना नुकसान किया। इन्होंने यदि अपनी काली कमाई इस पर खर्च की है तो यह भ्रष्टाचार और आयकर चोरी का मामला बनता है।
  4. उन्होंने कहा कि मामले में जिस तरह बड़े नाम आ रहे हैं। बेहतर है कि हाई कोर्ट खुद संज्ञान लेकर इस मामले की सघन जांच केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त टीम से कराए या कोई एनजीओ ऐसा
  5. करने के लिए कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करे। यदि ऐसा हुआ तभी संदेह के तमाम बादल दूर हो सकते हैं।

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