मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड: कॉलेज छात्राओं को भी फंसाया, पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों के साथ सेक्स के लिए किया मजबूर

भोपाल। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले की सरगना के खुलासे के बाद 12 अधिकारियों और 8 पूर्व मंत्री बड़ी मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। हनी ट्रैप गिरोह चलाने वाली श्वेता जैन ने एसआईटी के सामने खुलासा किया है कि उसने करीब 2 दर्जन कॉलेज गोइंग गर्ल्स को सेक्स जाल का हिस्सा बनाया। इसमें लोअर मिडिल क्लास परिवार की लड़कियां शामिल थीं, जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार के उच्च पदाधिकारियों को लुभाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
श्वेता ने यह भी कहा कि हनी ट्रैप का मकसद वीआईपी को इसमें फंसाकर उनसे करोड़ों रुपये के आकर्षक सरकारी अनुबंधों की खरीद करना था। इनमें से कई कॉन्ट्रैक्ट श्वेता जैन और उनकी साथी आरती दयाल की नामी-गिरामी कंपनियों को कमीशन के आधार पर दिए गए थे। कॉन्ट्रैक्ट खरीदने के अलावा श्वेता मध्य प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग भी मैनेज करती थीं।
अधिकारियों की डिमांड में मंगाई गईं कॉलेज छात्राएं
इंदौर में पूछताछ के दौरान श्वेता ने एसआईटी को बताया कि अधिकारियों की डिमांड पर उसने आर्थिक रूप से कमजोर कॉलेज जाने वाली छात्राओं को अपने रैकिट में फंसाया और उन्हें नामी-गिरामी हस्तियों के साथ बेड पर जाने के लिए मजबूर किया, जिनमें से अधिकतर उनके पिता की उम्र के रहे होंगे।
सचिवालय में कराई टॉप ब्यूरोक्रेट्स से मुलाकात
एसआईटी ने श्वेता के सामने 18 साल की लड़की को पेश किया। लड़की ने एसआईटी के सामने खुलासा किया कि प्रतिष्ठित कॉलेज में ऐडमिशन लेने की चाह में वह श्वेता के संपर्क में आई थी। श्वेता ने दावा किया था कि वह मध्य प्रदेश के कई बड़े अधिकारियों के काफी करीबी हैं। श्वेता ने किसी तरह उस लड़की को मना लिया और उसे भोपाल स्थित सचिवालय लेकर गई जहां उसने सचिव स्तर के तीन अधिकारियों से आरोपी लड़की की पहचान कराई। श्वेता ने लड़की को इंदौर से भोपाल आने-जाने के लिए एक ऑडी कार भी दी।
पैरंट्स से किया पढ़ाई का खर्चा उठाने का वादा
एक वरिष्ठ एसआईटी अधिकारी ने बताया कि आरोपी लड़की ने शुरुआत में श्वेता की बात मानने से इनकार कर दिया था और नरसिंहगढ़ में अपने घर वापस लौट गई। इसके बाद आरती दयाल उस लड़की के घर गई और उसके पिता से कहा कि अगर वह अपनी बेटी को भोपाल भेजते हैं तो उनका एनजीओ लड़की की पढ़ाई के सारे खर्चे उठाएगा।
लोअर मिडिल क्लास परिवार की लड़कियों को बनाया निशाना
एसआईटी को दिए अपने बयान में लड़की ने बताया कि एक दिन आरती ने उसे श्वेता का एमएमएस दिखाया, जिसमें वह एक अधिकारी के साथ सेक्स कर रही थी। आरती ने लड़की से कहा था कि बड़े पद पर पहुंचने के लिए यह सब कुछ करना होता है। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि एनजीओ और लोअर मिडिल क्लास परिवारों की बेटियों को नौकरी देने के नाम पर आरती और श्वेता ने कई कॉलेज जाने वाली छात्राओं को बहला-फुसलाकर हनी ट्रैप रैकिट में शामिल कर दिया।
पिता की उम्र के शख्स के साथ कराया गया जबरन सेक्स 30 अगस्त को एसआईटी के सामने दिए अपने बयान में लड़की ने बताया कि आरती और उसकी साथी श्वेता उसे एक लग्जरी कार से इंदौर लेकर गई और वहां के पॉश इंफिनिटी होटल में ठहरीं। अगले दिन शाम को एक सरकारी इंजिनियर हरभजन सिंह (60) से उसकी पहचान कराई गई। इसके बाद लड़की को हरभजन के साथ पूरी रात रुकना पड़ा और सेक्स करना पड़ा। लड़की ने बताया कि आरती ने होटल रूम का विडियो बनाया था, जहां वह हरभजन के साथ सोई थी।
मॉडर्न लाइफस्टाइल का लालच देकर सेक्स जाल में फंसाया
विडियो क्लिप के आधार पर श्वेता ने हरभजन सिंह से 3 करोड़ रुपये मांगे थे। लड़की को भी धमकी दी गई कि अगर उसने अपने पैरंट्स को कुछ भी बताया कि तो उसके विडियो वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इंदौर की पहली महिला एसएसपी रुचि वर्धन सिंह (एसआईटी की मुख्य सदस्य) ने बताया कि श्वेता और आरती ने कॉलेज जाने वाली लड़कियों को फंसाकर उन्हें मॉडर्न लाइफस्टाइल का लालच दिखाकर हनी ट्रैप स्कैम में घसीटा था।
40 कॉल गर्ल्स को भी शामिल किया गया
लड़कियों को पहले फाइव स्टार होटल का ग्लैमर और लग्जरी कल्चर दिखाया जाता था और फिर उन्हें नेताओं व अधिकारियों को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए बड़ी कीमत दी जाती थी। कॉलेज जाने वाली लड़कियों के अलावा श्वेता ने 40 कॉल गर्ल्स को भी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समेत वीवीआईपी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए हायर किया था।

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