हनीट्रैप: अश्लील एमएमएस दिखाकर बोली थी आरती- ऐसे ही आगे बढ़ेंगे

इंदौर। हाईप्रोफाइल हनीट्रैप केस की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी है। आरती दयाल की सहयोगी के रूप में आरोपी बनाई गई मोनिका के खुलासे और उसके पिता व परिजन की शिकायत के बाद पुलिस की जांच भी नई दिशा में बढ़ रही है। आरती ने ही मोनिका को श्वेता के अश्लील एमएमएस दिखाकर बताया कि जिंदगी में हम ऐसे ही आगे बढ़ेंगे। पलासिया थाना पुलिस ने नगर निगम से निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर 18 वर्षीय मोनिका यादव और आरती दयाल को पिछले मंगलवार को अड़ीबाजी व ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सोमवार रात टीआई शशिकांत चौरसिया मोनिका को घर (संवासी नरसिंहगढ़) लेकर पहुंचे तो पिता हीरालाल यादव को देख फूटफूट कर रोने लगी। उसने कहा कि आरती और श्वेता ने जिंदगी बर्बाद कर दी। पुलिस हीरालाल और सरपंच इंदरसिंह को भोपाल लेकर आई। उन्होंने कहा कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाया और आरती-श्वेता गैंग ने जाल में फंसा लिया।
शुरुआत अभिषेक नामक युवक से हुई। उसने कॉल किया और बातचीत करने लगा। कुछ दिनों बाद फेसबुक पर दोस्ती कर ली। उसकी फ्रेंडलिस्ट में आरती और श्वेता भी जुड़ी हुई थीं। अभिषेक ने उनसे बात करवाई और दोनों की लक्जरी लाइफ स्टाइल के बारे में बताया। आरती ने खुद को समाजसेविका बताया और कहा वह एनजीओ के माध्यम से महिलाओं और गरीबों के लिए काम करती है।
अश्लील वीडियो भी दिखाए
मोनिका ने बताया कि वह आरती को छोटी और श्वेता को बड़ी दीदी मानने लगी। आरती ने मुझे श्वेता का एमएमएस दिखाया और कहा कि यह ड्राइवर के साथ बनाया है। उसने कहा कि आगे बढ़ने के लिए यह सब करना पड़ता है। वह अश्लील वीडियो दिखाती थी। रात में होटल और पबों में ले जाने लगी। हरभजन के साथ होने वाली मीटिंग में भी साथ लेकर आने लगी। 30 अगस्त को रूपा अहिरवार और आरती उसे इंदौर लेकर आई और होटल इनफिनिटी में ठहरी। हरभजन ने उसके साथ गलत काम किया और आरती ने वीडियो बना लिया। आरती ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और हरभजन से 3 करोड़ रुपए मांगे। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र के मुताबिक यह आरती और श्वेता का तरीका है।
गरीब और मजबूर लड़कियों को जाल में फंसा लेती है। उनके वीडियो बना कर कब्जे में कर लेती है। अभी तक की पूछताछ में सामने आया कि उसने कईं लड़कियों को इसी तरह फंसाया है। घटना स्थल अयोध्यानगर (भोपाल) होने के कारण केस डायरी भोपाल पुलिस को भेज दी जाएगी। संभवत: सीआईडी केस दर्ज कर विवेचना एसआईटी द्वारा की जाएगी।
आर्मी भर्ती के लिए भोपाल गई तो ब्रेनवॉश किया
मई में मोनिका आर्मी भर्ती परीक्षा के लिए भोपाल गई थी। वहां अभिषेक ने आरती और श्वेता से मिलवाया। दोनों की लक्जरी कारें, ड्राइवर और महंगे फोन देख मोनिका उनकी बातों में आ गई और पिता से कहा वह भोपाल कॉलेज में पढ़ेगी। मोनिका के पिता द्वारा इनकार करने पर आरती गांव पहुंच गई। उसने हीरालाल से कहा कि उनकी बड़ी मैडम (श्वेता) की ऊपर तक पहुंच है। वह लोगों को नौकरी और ठेके दिलवाती हैं। मोनिका उनकी बातों में आ गई और पिता के विरोध्ा के बावजूद भोपाल आ गई। उसने परिजन को होस्टल में ठहरना बताया और आरती के साथ मिनाल रेसीडेंसी में रहने लगी।
मोनिका के पास चार हजार रुपए देख चौंक गए थे पिता
हीरालाल की आर्थिक हालत कमजोर है। उन्होंने थाने पहुंच बताया कि मोनिका राखी पर गांव आई थी। उस वक्त चार हजार रुपए लेकर आई थी। पिता ने रुपयों के बारे में पूछा तो कहा मैडम (आरती-श्वेता) उसे सामान लेने भेजती हैं तो बच जाते हैं। उसने दोनों के बारे में बताया कि उनका एनजीओ है और वे ठेके लेती हैं। वह उनकी लाइफ स्टाइल से प्रभावित हो चुकी थी। गिरफ्तारी के दौरान भी आरती ने उसे थाने में धमकाया और कहा कि पुलिस को कुछ मत बताना। वह सब निपट लेगी। एसएसपी के मुताबिक मामले में हरभजन की भूमिका भी जांची जा रही है। मोनिका के साथ गलत काम करने वालों को भी आरोपित बनाया जाएगा।
लड़कियों को कारों में ले जाकर बड़े लोगों के पास छोड़ा जाता था
मोनिका के पिता ने पुलिस को की गई शिकायत में बताया कि मोनिका ने मुझे इस गिरोह से जुड़ी कई बातें बताई थीं। उसने कहा था कि ‘मेरे जैसी कई लड़कियों को आरती और श्वेता ने लालच देकर अपने मीनाल रेसीडेंसी स्थित घर में रखा है। वे उन्हें किसी से मिलने नहीं देती थीं और मीनाल रेसीडेंसी से लड़कियों को कारों से ले जाकर बड़े लोगों के पास छोड़ देती थीं। बड़े लोगों के साथ गलत काम करवाकर उनके वीडियो बनाकर मोनिका और आरती रुपए ऐंठती थीं। उन्होंने मुझे नौकरी, रुपए, घर देने का सपना दिखाकर बातों में फंसाया और आदमियों से मिलवाने लगी। मैं उनके प्रभाव में आ गई। वे मुझे घर आने-जाने और घरवालों से बात करने से भी मना करती थीं।’ पिता ने बताया कि मेरी बेटी की गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *