HONEY TRAP पर बोले कैलाश- मेरे पास भी कुछ लोगों के नाम, जो मध्यस्थता कराते थे

भोपाल/इंदौर। एमपी का हाईप्रोफाइल हनीट्रैप मामले लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। 12 सदस्यीय यह एसआईटी डीजीपी विजय कुमार सिंह ने गठित की है जो पूरे मामले की जांच कर खुलासा करेगी। 1997 बैच के आईपीएस डी. श्रीनिवास वर्मा एसआईटी चीफ होंगे। वही इंदौर नगर निगम के प्रभारी आयुक्त कृष्ण चैतन्य ने अधीक्षण यंत्री हरभजन सिंह को निलंबित कर दिया है। आरोपी आरती दयाल की तबीयत खराब हो गई है ,जिसे पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान देकर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।

कैलाश का दावा है कि उनके पास भी कुछ नाम है लेकिन जांच पूरी होने तक वे किसी का नाम नही लेना चाहते।मीडिया से चर्चा के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ये मामला मध्यप्रदेश की राजनीति पर काला दाग है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वही दिग्विजय सिंह द्वारा बार बार भाजपा नेताओं के इस मामले में संलिप्त होने के बयान पर उन्होंने कहा कि इशारों में कोई भी किसी का नाम ले सकता है। मेरे पास भी कुछ नाम हैे, लेकिन जब तक जांच पूरी ना हो जाए नाम लेना गलत है। मेरे पास भी कुछ के नाम आए हैं जो हनी ट्रैप में मध्यस्थता कराते थे। लेकिन में आरोप नहीं लगा रहा हूं।

इधर, इंदौर पुलिस सोमवार शाम करीब 7:30 बजे आरोपी मोनिका यादव को लेकर भोपाल के अयोध्या नगर बाइपास स्थित सागर लैंडमार्क पहुंची। यहां मोनिका पिछले चार महीने से आरती दयाल की रूम पार्टनर बनकर रह रही थी। पुलिस ने घर की तस्दीक ही और राजगढ़ के लिए रवाना हो गई। फिर रात करीब 10:30 बजे राजगढ़ जिले के संवासी गांव (नरसिंहगढ़ के पास) पहुंची। वहां सरपंच प्रतिनिधि के जरिए माेनिका के पिता काे बुलवाया और उन्हें कार में बैठाकर पूछताछ अपने साथ ले गई। पुलिस का कहना है कि इससे माेनिका काे अपना पक्ष रखने में सहायता मिलेगी।

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