हनीट्रैप मामले में आयकर विभाग भी शुरू करेगा छानबीन

भोपाल। प्रदेश की सियासत और ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचाने वाले हनीट्रैप मामले में करोड़ों के लेनदेन और अड़ीबाजी सामने आने के बाद आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग की खुफिया विंग ने मामले पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। इंटेलीजेंस एवं क्रिमनल इंवेस्टीगेशन शाखा ने अपने स्तर पर घटना से जुड़े किरदारों के विभाग में मौजूद पुराने रिकार्ड और वित्तीय लेनदेन की छानबीन भी शुरू कर दी है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले की पुलिस जांच पूरी होने के बाद उसकी औपचारिक रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इस दौरान विभाग की खुफिया इकाई इंटेलीजेंस एवं क्रिमनल इंवेस्टीगेशन शाखा ने अपने स्तर पर मामले से जुड़े सभी लोगों के बारे में तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।

हनीट्रैप से जुड़ी महिलाओं और जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे जुड़ी सभी वित्तीय जानकारियां आयकर रिटर्न आदि एकत्र किए जा रहे हैं। हनीट्रैप कांड में अभी सामने आए प्रमुख किरदार श्वेता-विजय जैन एवं श्वेता-स्वप्निल जैन के एनजीओ का लेखा-जोखा भी खंगाला जाएगा।

इनके अलावा बरखा सोनी, आरती दयाल और इंजीनियर हरभजन सिंह सहित जिन लोगों की प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से संलग्नता सामने आई है, उन सभी का रिकार्ड भी आयकर ने अपने राडार पर रखा है।

पुलिस से जांच रिपोर्ट मिलने तक फिलहाल आयकर विभाग ‘वेट एंड वॉच” की मुद्रा अपनाए हुए हैं। पुलिस जांच पूरी होने और विभाग की छानबीन में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के साक्ष्य सामने आने पर आयकर अधिनियम की धारा 131 के तहत समन और धारा 133(6) के तहत नोटिस भेजकर पूछताछ भी की जाएगी।

इन लोगों के आय के स्रोत, गैर आनुपातिक लेनदेन, महंगी लग्जरी गाड़ियां खरीदने, शाही जीवन शैली, हवाई एवं विदेश यात्राओं पर हुए खर्चों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। विभाग को उम्मीद है कि स्थानीय पुलिस छानबीन से जुड़े जरूरी इनपुट से अवगत कराएगी।

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