2 लाख किसानों की 24 लाख हेक्टेयर फसल चौपट

भोपाल। प्रदेश में बारिश और बाढ़ से 22 लाख किसानों की 24 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे की खरीफ फसलें चौपट हो गईं। प्रारंभिक जानकारी के हिसाब से प्रदेश में कुल 11 हजार 906 करोड़ रुपए की क्षति सामने आई है। वास्तविक नुकसान बारिश थमने के बाद सामने आएगा। मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने केंद्रीय दल से तीन हजार करोड़ रुपए के अल्पावधि ऋण को मध्यावधि में तब्दील करने की मांग रखी।
केंद्रीय दल के नेतृत्वकर्ता राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा, हम फील्ड में जा रहे हैं। फीडबैक लेकर बात करेंगे।
36 जिलों में ज्यादा नुकसान
-45 दिन की बारिश में प्रदेश के 52 में से 36 जिलों में बड़े पैमाने पर क्षति हुई है।
-225 लोगों की मौत बाढ़ और वर्षा से हुई।
-प्रदेश में प्रारंभिक अनुमान 11,906 करोड़ की क्षति (सड़क, मकान, स्कूल आदि)
इससे पहले मन्दसौर जिले के बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने आई दिल्ली की टीम ने हेलीकॉप्टर से सर्वे किया था। आपदा प्रबंधन दिल्ली के सयुक्त सचिव संदीप पौंडरिक ने कलेक्टर मनोज पुष्प व एसपी हितेश चौधरी के साथ एलवी, बेटिखेड़ी, पयाखेड़ी, अफजलपुर का हवाई सर्वे किया। आज टीम आगर और मालवा के अलावा दूसरे जिलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जाएगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी।
किसान बोला- साब ! पूरा खेत खराब हो गया, कुछ नहीं बचा

  • संयुक्त सचिव पौंड्रिक ने पूछा : सोयाबीन के सामान्य फसल के भाव क्या मिल जाते हैं।
  • किसान कमलेश पाटीदार बोले- तीन-चार बीघा में आठ-दस हजार रु मिलते हैं। लागत भी इतनी ही लगती है।
  • पौंड्रिक बोले- मतलब, जितना लगाते हो उतने तो मिल जाते हैं।
  • पाटीदार बोले- अभी तो यही स्थिति है। खेत पूरा खराब हो गया है। अब कुछ भी नहीं मिलेगा। उड़द में फिर से अंकुरण होने लगा है। मंडी में भाव नहीं मिलेंगे।
  • पौंड्रिक ने पूछा- उड़द एक बीघा में कितनी हो जाती है।
  • किसान बोले- तीन-चार क्विंटल, पर अभी तो एक बीघा में 40-50 किलो हो जाए तो बहुत।
  • गुराड़िया गांव : किसान ने बर्बाद मक्का की फसल दिखाकर कहा, हर साल यहां भुट्टों की बहार होती है। इस बार दाने भी नहीं आए। पौंड्रिक ने किसानों से पूछताछ की।

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