एक छात्र को पढ़ा रहे थे 7 प्रोफेसर, वह भी फेल

रायपुर । पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एमफिल के छात्र-छात्राएं नहीं होने के कारण इस साल कई अध्ययनशालाओं में इस कोर्स को बंद कर दिया गया है। एमफिल की रविवि में इस तरह दुर्दशा हो रही है कि इक्का-दुक्का छात्रों की परीक्षा लेने में ही रविवि को पसीना छूट रहा है।

ताजातरीन मामला एमफिल कंप्यूटर साइंस वार्षिक परीक्षा मार्च-अप्रैल 2019 का है। एक परीक्षार्थी को लेकर हुई परीक्षा का रविवि ने चार महीने बाद मंगलवार को परिणाम जारी किया है, जो कि चौंकाने वाला है। कंप्यूटर साइंस में एमफिल में सिर्फ एक ही परीक्षार्थी रहा, जबकि पढ़ाने के लिए रविवि की इस अध्ययनशाला में नियमित और संविदा दोनों से मिलाकर सात प्रोफेसर हैं।

इतनी फैकल्टीज के बाद भी एक परीक्षार्थी को पास कराने में सफलता नहीं मिली। आखिरकार रविवि को जीरो प्रतिशत परिणाम घोषित करना पड़ा। मामले में रविवि के कुलसचिव डॉ.गिरीशकांत पाण्डेय का कहना है कि एमफिल में पांच छात्र अनिवार्य हैं। देखना पड़ेगा कि कंप्यूटर साइंस के एमफिल में एक परीक्षार्थी का परिणाम कैसे जारी किया गया है।

इनके भी परिणाम जारी

इसके अलावा रविवि ने पीजी डिप्लोमा इन क्रिमि. एंड फॉरेन साइंस मई-जून सेमेस्टर 2019 परीक्षा के परिणाम जारी किए हैं। इनमें शत-प्रतिशत परिणाम रहा। इसी तरह से पीजी डिप्लोमा इन रिजनल प्लानिंग एंड डेवलपमेंट सेमेस्टर एग्जाम मई-जून 2019 में भी शत प्रतिशत परिणाम रहा है।

इसके अलावा रविवि ने बीबीए सेमेस्टर फोर मई-जून सेमेस्टर 2019 के परिणाम जारी कर दिया है। इसमें 91.68 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। इसके अलावा एमपीएड, सीबीएस और बी फार्मेसी के परिणाम भी जारी कर दिया गया है।

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